पूर्वी दिल्ली। दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिले की टीम ने एक हाई-प्रोफाइल ब्लाइंड हाउस ब्रेकिंग केस का खुलासा करते हुए लगभग 1 करोड़ रुपये की चोरी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चोरी के सामान के खरीदार सहित कुल 5 आरोपियों को पकड़कर बड़ी बरामदगी की गई है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि घटना मधु विहार स्थित आर्य नगर अपार्टमेंट की है, जहां 31 मार्च 2026 की रात घर बंद होने का फायदा उठाकर चोरों ने सेंधमारी की। अगले दिन जब परिवार वापस लौटा तो घर के ताले टूटे मिले और अलमारी से सोना, चांदी और हीरे के जेवरात सहित करीब 1 करोड़ रुपये की संपत्ति गायब थी। साथ ही लगभग ₹12 लाख नकद भी चोरी होने की बात सामने आई।
मामले में मधुविहार थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष टीमों का गठन किया गया—एक स्पेशल स्टाफ और दूसरी मधुविहार थाना टीम—जिन्होंने मिलकर इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब 10 किलोमीटर तक आरोपियों के भागने के रास्ते को ट्रेस किया। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिले।
इसके बाद 8 अप्रैल को बबलू उर्फ कलुआ और रामपाल उर्फ रामकुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में इनके साथी विकास उर्फ विक्कू का नाम सामने आया, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में चोरी के माल को खपाने वाले सुनार रवि सोनी और एक महिला साथी पिंकी की भूमिका भी उजागर हुई, जिन्हें भी पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह दिन में रिहायशी इलाकों की रेकी करता था और रात में बंद घरों को निशाना बनाता था। चोरी का सामान तेजी से खपाने के लिए स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि पुलिस तक सुराग न पहुंच सके।
बरामदगी में सोने-हीरे के जेवरात, चांदी के आभूषण, नकदी और घर तोड़ने के उपकरण शामिल हैं। पुलिस ने करीब 70% सोना-हीरा और 80% चांदी की बरामदगी कर ली है, जबकि 8 लाख रुपये नकद भी वापस मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के कई सदस्य पहले भी गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं।