1 November 2026 Rule Changes: नवंबर का महीना शुरू होते ही आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई नियमों में बदलाव हुए हैं। इनका असर गैस सिलेंडर की कीमत, मोबाइल पर आने वाली कॉल, म्यूचुअल फंड में निवेश और पेंशन से जुड़े कामों पर पड़ सकता है। त्योहारों के बीच इन बदलावों को जानना जरूरी है, ताकि महीने का बजट बनाने से लेकर जरूरी काम पूरे करने तक कोई परेशानी न हो। आइए जानते हैं 1 नवंबर से क्या-क्या नया हुआ है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इस बार 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में दिल्ली में 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 2,810 रुपये से बढ़कर 2,820 रुपये हो गई है। इसका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में होता है। ऐसे में कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है, जिसका असर बाहर खाना खाने वालों की जेब पर भी पड़ने की आशंका रहती है। हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर स्थिर है।
अब कॉल करने वाले का भी दिखेगा नाम
मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी सीएनएपी सेवा भी चर्चा में है। इस सुविधा का मकसद आने वाली कॉल पर फोन नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम दिखाना है। इससे अनजान नंबर पहचानने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नाम दिखने की सुविधा नेटवर्क, फोन और सेवा की उपलब्धता पर निर्भर कर सकती है। इसे अनजान कॉल से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
म्यूचुअल फंड निवेश में आया बदलाव
म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए भी नया नियम अहम है। एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट विकल्प बनाने की व्यवस्था की जा रही है। अगर कोई निवेशक रेगुलर प्लान चुनता है, तो उसे उसकी ज्यादा लागत यानी एक्सपेंस रेशियो के बारे में जानकारी दी जाएगी। निवेश करने से पहले दोनों प्लान की लागत और अपनी जरूरत समझना जरूरी है।
पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र जरूरी
80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। आम तौर पर इसे जमा करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर होती है। पेंशन पाने वाले लोग इसे ऑनलाइन या तय सुविधा केंद्रों के जरिए जमा कर सकते हैं। समय पर प्रमाण पत्र जमा करने से पेंशन से जुड़ी परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
कारोबारियों को जीएसटी में मिल सकती है राहत
जीएसटी से जुड़े बदलावों का असर कारोबारियों पर भी पड़ेगा। योग्य कारोबारियों के लिए कुछ रिफंड प्रक्रिया आसान बनाने और टैक्स नियमों को सरल करने के कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, जीएसटी रिटर्न के संशोधित फॉर्म पर सुझाव लेने की भी तैयारी है, जिन्हें अप्रैल 2027 से लागू करने की योजना बताई गई है। कारोबारियों को अपनी श्रेणी और लागू नियमों के हिसाब से जानकारी जांचनी चाहिए।