नोएडा। जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुभारंभ से पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को नई पहचान मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार 12 जून को लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 100 इलेक्ट्रिक सिटी बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। इस मौके पर सेक्टर-33ए स्थित शिल्प हाट में गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, दादरी विधायक तेजपाल नागर, जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह और नोएडा विधायक पंकज सिंह मौजूद रहेंगे।
पहले चरण में नोएडा प्राधिकरण 50, जबकि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 25-25 बसें उतारी जाएंगी। शुक्रवार को शुरूआत में प्रत्येक प्राधिकरण 10-10 बसों से सेवा आरंभ करेगा, जिसे बाद में बढ़ाकर कुल 100 कर दिया जाएगा। इन बसों का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के साथ अनुबंध के तहत होगा।
किराया 20 से 50 रुपये, हर 15 मिनट में बस
यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम 50 रुपये रखा गया है, जो दूरी के आधार पर निर्धारित होगा। बसें औसतन 200 किलोमीटर प्रतिदिन चलेंगी और हर 15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। मुख्य डिपो सेक्टर-90 (एनएमआरसी) में बनाया गया है, जहां 20 ई-चार्जिंग पॉइंट्स, 5000 किलोवाट के दो बिजली कनेक्शन और पूर्ण रखरखाव सुविधाएं तैयार हैं।
मुख्य रूट (नोएडा क्षेत्र):
बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौर चौक, एक मूर्ति।
बॉटनिकल गार्डन से जेवर एयरपोर्ट।
बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-62।
बॉटनिकल गार्डन से सूरजपुर कलेक्ट्रेट, ग्रेटर नोएडा।
अन्य महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी: सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और आईएसबीटी।
ग्रेटर नोएडा और YEIDA क्षेत्र में बसें परी चौक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, जीबीयू, दनकौर आदि स्थानों को जोड़ेंगी।
500 बसों का लक्ष्य, 10 डबल डेकर भी शामिल
यूपी कैबिनेट ने अतिरिक्त 100 ई-बसों को मंजूरी दे दी है, जिससे वर्ष 2026 के अंत तक क्षेत्र में करीब 200 बसें चलने की उम्मीद है। कुल योजना के तहत भविष्य में 500 ई-बसों का संचालन किया जाएगा। बेड़े में 10 डबल डेकर ई-बसें भी शामिल हैं, जो हाई-डिमांड वाले रूटों पर चलेंगी।नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना करीब 10 लाख से अधिक आबादी को लाभ पहुंचाएगी। लास्ट माइल कनेक्टिविटी मजबूत होने से जेवर एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को खास सुविधा मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में यह योगी सरकार की एक बड़ी पहल है।
सीएम योगी ने हाल ही में राज्य ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए इन बसों को समय पर शुरू करने के निर्देश दिए थे। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जनता इन आधुनिक, एसी बसों के सफर का इंतजार कर रही है।यह सेवा न केवल किफायती और आरामदायक होगी, बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा को दिल्ली-एनसीआर का स्मार्ट और ग्रीन हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।