उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार को 11 जिलों के नए जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी। आपको बता दें पार्टी पूरी तरह से 2027 की तैयारीयों में जुट गई...इसी क्रम में संगठन को मजबूत किया जा रहा है. साथ ही इस बार संगठन भी परफॅार्मेंस के आधार पर बनाया जा रहा है. सूचना है कि जल्द ही पार्टी अपने सभी मोर्चों के अध्यक्षों की भी घोषणा करने वाली है. प्रदेश अध्यक्ष ज्यादातर मोर्चा अध्यक्षों के नाम भी फाइनल कर लिए हैं
संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी
भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी थी, लेकिन 11 जनपदों में नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण प्रक्रिया लंबित थी। पार्टी नेतृत्व लगातार स्थानीय समीकरण, संगठनात्मक अनुभव, जातीय संतुलन और कार्यकर्ताओं की स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए नामों पर मंथन कर रहा था। प्रदेश नेतृत्व, केंद्रीय पर्यवेक्षकों और संगठन पदाधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद अंतिम सूची तैयार की गई। गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इन जिलों के लिए नए जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी।
इन 11 जिलों को मिले नए जिलाध्यक्ष
शामली- रामजीलाल कश्यप
अमरोहा- उदयगिरि गोस्वामी
सहारनपुर-अजीत सिंह राणा
बागपत- नीरज शर्मा
पीलीभीत - गोकुल प्रसाद मौर्य
लखीमपुर खीरी -अरविंद गुप्ता
गोंडा - इकबाल बहादुर तिवारी
अयोध्या (जिला) - राधेश्याम त्यागी
अयोध्या महानगर- कमलेश श्रीवास्तव
मिर्जापुर- लाल बहादुर सरोज
सिद्धार्थनगर- दीपक मौर्य
इन नियुक्तियों के साथ ही प्रदेश में भाजपा का जिला स्तर का संगठन लगभग पूर्ण रूप से गठित हो गया है।
चुनावी तैयारी से जुड़ा अहम फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा का यह निर्णय पूरी तरह चुनावी रणनीति से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। पार्टी आने वाले स्थानीय निकाय, लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से मजबूत करना चाहती है। जिलाध्यक्ष संगठन की रीढ़ माने जाते हैं। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने, सदस्यता अभियान चलाने, कार्यक्रमों का संचालन करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में उनकी भूमिका सबसे अहम होती है।