नसरीन हत्याकांड में सुनवाई के दौरान उस समय नया मोड़ आ गया, जब सुनवाई के दौरान कोर्ट में नसरीन की 11 साल के बेटी कहा, अपने अब्बू की तरफ इशारा करते हुए कहा, इसी ने अम्मी को मारा है। हालांकि पहले नसरीन की मौत को संदिग्ध बताया गया था, लेकिन जब कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया गया तो मौत का कारण सांस की नली की हड्डी टूटना आया था।
शफीउद्दीन ने मुकदमा दर्ज कराया
वर्ष-2022 में लिसाड़ी गेट थाने में शफीउद्दीन ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया था कि वर्ष 2011 में बेटी नसरीन का निकाह हुमायूं नगर निवासी आमिर खान से किया था। आरोप था कि शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने बताया था कि 26 नवंबर 2022 को आमिर खान ने बेटे साकिब को मोबाइल पर काल कर बताया था कि नसरीन की तबीयत खराब है। मायके वाले जब बेटी की ससुराल पहुंचे तो नसरीन की मौत हो चुकी थी। आरोप है कि ससुराल वालों ने नसरीन के परिजनों को गुमराह करते हुए जल्दबाजी में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। संदेह होने पर मायके वालों ने नसरीन के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की थी। प्रशासन की अनुमति मिलने पर पुलिस ने नसरीन के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांस नली की हड्डी टूटने से मौत का कारण आया था। इसके बाद पुलिस ने पति आमिर खान, ससुर जान मोहम्मद, सास जर्करूननिशा और दो जेठ नदीम व फिरोज के खिलाफ हत्या और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचक एसआई संजय वर्मा ने कोर्ट चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज एफटीसी कोर्ट में चल रही है।
13 साल की बेटी ने पिता के खिलाफ दिए बयान
नसरीन की 13 साल की बेटी कक्षा सात में पढ़ती और मां की मौत के बाद से वह नाना-नानी के पास रह रही है। मां की मौत के समय वह घर में मौजूद थी। इसलिए इस मामले में नसरीन की बेटी की गवाही अहम मानी जा रही थी। शफीउद्दीन के बेटे सुहेल में बताया, 13 साल की भांजी के कोर्ट में बयान हुए है। कोर्ट में भांजी ने अपने अब्बू की तरफ इशारा करते हुए कोर्ट को बताया है कि इसी ने अम्मी को मारा है। सुहेल ने बताया, अब तक नसरीन की बेटी, पिता, भाई, मां, पंचनामा गवाह और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर समेत 11 गवाहों के बयान हो चुके हैं, लेकिन पिछली 19 तारीखों से कोर्ट में विवेच संजय वर्मा गवाही देने नहीं आ रहे हैं। लगातार गैरहाजिर चल रहे विवेचक के न आने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और विवेचक की गिरफ्तारी की कार्रवाई की पत्रावली अग्रसारित की है। पीड़ित का कहना है कि विवेचक की लापरवाही के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।