यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच एक बार फिर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ब्लैक सी क्षेत्र में हमलों और सुरक्षा हालात बिगड़ने के बाद वहां मौजूद 13 भारतीयों ने भारत सरकार से सुरक्षित निकासी की अपील की है। इन लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते खतरे के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है और जल्द से जल्द उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
बढ़ते हमलों से बढ़ी चिंता
ब्लैक सी के आसपास हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों के बीच स्थानीय लोगों के साथ विदेशी नागरिक भी असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। यूक्रेन में मौजूद भारतीयों ने बताया कि कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि सुरक्षा अलर्ट लगातार जारी किए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में उनके लिए दैनिक जीवन भी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
भारत सरकार से लगाई मदद की गुहार
यूक्रेन में फंसे 13 भारतीय नागरिकों ने भारत सरकार और भारतीय दूतावास से संपर्क कर सुरक्षित निकासी की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए जल्द राहत अभियान चलाया जाना चाहिए। भारतीय मिशन पहले भी समय-समय पर नागरिकों को सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करता रहा है और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने की बात दोहराई है।
स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं एजेंसियां
विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय अधिकारी यूक्रेन के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक संचार माध्यमों से जुड़े रहने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों से दूतावास के हेल्पलाइन नंबर और ईमेल के जरिए संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष वाले क्षेत्रों में हालात तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए नागरिकों को अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए। फिलहाल भारत सरकार की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है। यूक्रेन में मौजूद भारतीयों को भी सतर्क रहने, यात्रा संबंधी सलाह का पालन करने और सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन करने की सलाह दी गई है।