UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवार के रक्त सम्बंध में सम्पत्ति दान करने पर बडी राहत दी है। अब परिवार के सदस्य को किसी भी तरह की सम्पत्ति दान करने पर स्टाम्प शुल्क महज पांच हजार रुपये लगेगा। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
बैठक में कुल 13 प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई
प्रदेश के वित्त व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्ताव आए थे जिनमें से 13 को स्वीकृति प्रदान की गयी। प्रदेश स्टाम्प व पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि परिवार के रक्त सम्बंध में सम्पत्ति दान करने पर स्टाम्प शुल्क में कमी की गयी है। इसके अलावा कुशीनगर व झांसी में नये स्टाम्प कार्यालयों के निर्माण को मंजूरी भी मिली है।
21 औद्योगिक कंपनियों का निर्माण शुरू
प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि ग्लोबल कैपेसिटी सेण्टर नीति की एसओपी पारित की गयी। 21 औद्योगिक कंपनियों का निर्माण/संचालन शुरू होगा। 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा । इसके अलावा शिकोहाबाद के जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गयी है।
अवैध तरीके से विवि की जमीन भी बेची थी
फर्जी मार्कशीट मामले में जांच के बाद यह फैसला कैबिनेट ने लिया है। इस विश्वविद्यालय के छात्रों की डिग्री और सर्टिफिकेट का सत्यापन व संचालन आगरा बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय करेगा । यह जानकारी प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने दी। उपाध्याय ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2015 में हुई थी। उन्होंने बताया कि इस विश्वविद्यालय के कुलपति डाक्टर सुकेश यादव व कुल सचिव मंडन मिश्र को राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक परीक्षा 2022 में हुई थी उसमें जो अभ्यर्थी चयनित हुए थे उन्हें जेएस विश्वविद्यालय से फर्जी मार्कशीट जारी की गयी थी। इन लोगों ने अवैध तरीके से विश्वविद्यालय की जमीन भी बेची थी।
बीआर अम्बेडकर विवि से किया गया समबद्ध
पिछले साल नौ मार्च को यह प्रकरण समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ उसके बाद कुलपति व कुलसचिव की गिरफ्तारी हुई। जांच शुरु हुई। मगर जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। फिर शासन स्तर पर जांच के आदेश हुए। फिरोजाबाद के जिलाधिकारी को आदेश दिया गया कि वह कमेटी गठित कर जांच करें। इसी बीच राजस्थान सरकार से भी जांच का अनुरोध आया। फिर उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराधि अनुसंधान शाखा से जांच करवायी गयी। प्रदेश के गृह विभाग, फिरोजाबाद के जिलाधिकारी, राजस्थान की जयपुर पुलिस, आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा उत्तर प्रदेश की जांच के बाद इस विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया। अब इस विश्वविद्यलाय को आगरा के बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय से समबद्ध कर दिया गया है, वहीं से इसका संचालन होगा और छात्रों को मार्कशीट व सर्टिफिकेट आगरा के बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय से ही जारी किये जाएंगे।
आफ कैम्पस संचालन की अनुमति दी गई
कैबिनेट के एक अन्य निर्णय की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि आईआईएमटी विश्वविद्यालय मेरठ ने ऑफ कैम्पस खोलने की अनुमति मांगी थी। अब इस विश्वविद्यालय को आफ कैम्पस संचालन की अनुमति दी गयी है। इस तरह का ऑफ कैम्पस मथुरा के जीएलए विश्वविद्यालय को पहले ही दिया जा चुका है।