Gwalior Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवरात्र के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालु धान से लदे एक ट्रक की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, हादसे के बाद कुल 39 लोगों को अस्पताल ले जाया गया था। इनमें से 13 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य का इलाज जारी है।
बैरिकेड तोड़कर ढलान पर बेकाबू हुआ ट्रक
पुलिस के मुताबिक, छिनोर की ओर से शीतला माता मंदिर जाने वाले रास्ते पर ढलान है। इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक है। रात करीब 1:30 बजे धान से भरे एक ट्रक को इसी रास्ते पर रोका गया था। बताया गया कि ट्रक ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए और ढलान पर बेकाबू होकर नीचे उतर गया। तेज रफ्तार से नीचे आया ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार से जा टकराया। उस समय रास्ते पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। कई लोग ट्रक की चपेट में आ गए और उसके नीचे दब गए। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हुए।
घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि हादसे में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में पांच से छह लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ लोगों को फ्रैक्चर भी हुआ है। बाकी घायलों को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं और उनका उपचार किया जा रहा है। हादसे के दौरान ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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कलेक्टर ने मौके पर भेजी एंबुलेंस
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, रात करीब डेढ़ बजे ट्रक के अनियंत्रित होने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, ताकि घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि घायलों की चोटों की गंभीरता का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी जांच कराई जा रही हैं। इससे डॉक्टरों को इलाज की आगे की प्रक्रिया तय करने में मदद मिलेगी।
ट्रक की तकनीकी जांच करेगा RTO
हादसे के बाद प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि नवरात्र के चलते रास्ते पर बैरिकेड लगाए गए थे और पुलिस की तैनाती भी थी। ऐसे में यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित रास्ते पर ट्रक बैरिकेड तोड़कर कैसे पहुंचा। वाहन की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम यह जांच करेगी कि ट्रक में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी और वह अनियंत्रित होकर ढलान पर कैसे उतर गया। हादसे में सुरक्षा इंतजामों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।