14-Year-Old Boy Helps Mother : अच्छी परवरिश की पहचान सिर्फ बच्चों के अच्छे नंबर या उनकी सफलता से नहीं होती, बल्कि उनकी छोटी-छोटी आदतों से भी होती है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक 14 साल के लड़के का वीडियो लोगों का दिल जीत रहा है। मां की तबीयत खराब हुई तो बेटे ने खुद आगे आकर रसोई संभाल ली। उसका यह छोटा-सा कदम अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। चलिए जानते हैं इस वीडियो में ऐसा क्या है, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है।
मां की तबीयत खराब हुई तो बेटे ने संभाला काम
वायरल वीडियो को एडवोकेट निशा तनवर ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर साझा किया है। वीडियो में उनका 14 साल का बेटा रुचित रसोई में आटा गूंथता नजर आ रहा है। निशा की तबीयत ठीक नहीं थी। उन्हें सर्दी-जुकाम के साथ कमजोरी और थकान महसूस हो रही थी। ऐसे में बेटे ने खुद मां की परेशानी समझी और रसोई का काम करने के लिए आगे आया। उसकी इस पहल ने लोगों का ध्यान खींच लिया।
सिर्फ आटा गूंथना नहीं, रोटी बनाना भी जानता है बेटा
रुचित केवल आटा गूंथना ही नहीं जानता, बल्कि वह रोटियां बनाना भी सीख चुका है। उसकी मां के मुताबिक, वह सब्जी बनाने जैसे दूसरे छोटे-मोटे काम भी सीख रहा है। यही वजह है कि जरूरत पड़ने पर वह घर के कामों में हाथ बंटा सकता है। इस वीडियो में कोई बड़ी बात दिखाने की कोशिश नहीं की गई, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का एक ऐसा पल सामने आया है, जिससे कई परिवार जुड़ाव महसूस कर रहे हैं।
मां की सीख ने बदली घर के कामों को लेकर सोच
निशा तनवर का मानना है कि घर के काम सिर्फ लड़कियों की जिम्मेदारी नहीं होते। बेटा हो या बेटी, हर बच्चे को अपनी जरूरत के काम सीखने चाहिए। अक्सर बच्चों को पढ़ाई और दूसरी गतिविधियों में इतना व्यस्त रखा जाता है कि वे खाना बनाना या घर संभालना नहीं सीख पाते। लेकिन ऐसी छोटी-छोटी सीख आगे चलकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है।
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे हैं तारीफ
वीडियो सामने आने के बाद लोग मां और बेटे दोनों की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि बच्चों को बचपन से ही जिम्मेदारी समझाना जरूरी है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इस बात की सराहना की कि बेटे को घरेलू कामों से दूर नहीं रखा गया। लोगों के बीच यह वीडियो अच्छी परवरिश और बराबरी की सोच की मिसाल बन रहा है।
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बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना भी है जरूरी
बच्चों को जीवन की जरूरी बातें सिखाना माता-पिता की अहम जिम्मेदारी है। खाना बनाना, अपनी चीजें संभालना और जरूरत पड़ने पर परिवार की मदद करना ऐसी आदतें हैं, जो आगे भी काम आती हैं। रुचित का यह कदम भी यही दिखाता है कि घर की जिम्मेदारी समझने के लिए उम्र से ज्यादा अच्छी सीख मायने रखती है। मां की मदद के लिए उसका आगे आना एक छोटी कोशिश जरूर है, लेकिन इसके पीछे छिपा संदेश काफी खास है।