भारतीय क्रिकेट को एक और खास नाम मिलने की आहट तेज हो गई है। महज 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर ऐसा प्रदर्शन किया है कि उनकी चर्चा अब इंटरनेशनल डेब्यू तक पहुंच चुकी है। जहां भी मौका मिला, वैभव ने निडर बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाजों पर दबाव बनाया। हाल ही में अंडर-19 एशिया कप में खेली गई 171 रनों की ऐतिहासिक पारी के बाद उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है।
सचिन का रिकॉर्ड और वैभव की रफ्तार
जब सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू की बात होती है, तो सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे पहले आता है। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया था, जो आज भी भारतीय पुरुष क्रिकेट में रिकॉर्ड है। 36 साल बाद भी यह रिकॉर्ड सुरक्षित है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की मौजूदा फॉर्म को देखकर क्रिकेट जगत में चर्चा है कि यह रिकॉर्ड अब ज्यादा दिन तक कायम नहीं रह पाएगा।
हर मंच पर शतक, हर जगह चर्चा
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से हर स्तर पर छाप छोड़ी है। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू सीजन में शतक लगाकर उन्होंने सबको चौंका दिया। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अंडर-19 टीम के लिए टेस्ट और वनडे में भी उन्होंने सेंचुरी जड़ी। राइजिंग एशिया कप और अब अंडर-19 एशिया कप में 171 रन की पारी ने यह साफ कर दिया कि यह बल्लेबाज बड़े मंच से घबराता नहीं है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी वह सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं।
चयनकर्ताओं के सामने बड़ा सवाल
अब तक अंडर-19 वनडे में 12 मैच खेल चुके वैभव सूर्यवंशी 727 रन बना चुके हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं। खास बात यह है कि वह अंडर-19 टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में शतक लगा चुके हैं। उनका प्रदर्शन लगातार यह सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या चयनकर्ता उन्हें जल्द इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका देंगे। जिस तरह से वैभव आगे बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार बहुत जल्द मिल सकता है।