14 Youths Arrested: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी पर नाव में इफ्तार करने वाले 14 युवकों की गिरफ्तारी का मामला चर्चा में आ गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि युवकों ने आखिर ऐसा कौन सा कानून तोड़ा, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा।
कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतामगढ़ी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि सिर्फ नाव में बैठकर इफ्तार करने पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। वहीं पार्टी प्रवक्ता Supriya Shrinate ने भी पुलिस से पूछा कि आखिर किन कानूनों के तहत यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी को लेकर विवाद
जानकारी के मुताबिक, गंगा नदी पर नाव में इफ्तार करने वाले युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। विपक्ष का आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल खड़े होते हैं।
बनारस जो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, जहॉं साल भर में हज़ारों विदेशी पर्यटक आते हैं वहॉं की पुलिस कितनी उतावली बैठी है मुसलमानों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने के लिये, युवाओं का एक समूह नाव में बैठकर इफ़्तार कर रहा था बस इतने से किसी छुटभैये नेता की भावना आहत हो गई और उसकी तहरीर…
— Imran Pratapgarhi (@ShayarImran) March 17, 2026
An FIR has been filed against 14 Muslim men who hosted an Iftar on a boat on the Ganges in Varanasi.
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) March 17, 2026
What laws have they broken?
What sin have they committed?
Where are we headed?
Sick
pic.twitter.com/mS07f0FXMy
सपा नेता ने जताई अलग राय
समाजवादी पार्टी के नेता एस. टी. हसन ने इस मामले में अलग दृष्टिकोण रखा है। उनका कहना है कि यदि यह गतिविधि ऐसे स्थान पर हुई जहां धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तो इसे टाला जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता और स्थानीय परंपराओं का ध्यान रखना जरूरी है।
मामले पर बढ़ी सियासी बहस
इस घटना के बाद वाराणसी समेत पूरे प्रदेश में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां विपक्ष पुलिस कार्रवाई को गलत बता रहा है, वहीं कुछ लोग इसे कानून-व्यवस्था और स्थानीय संवेदनशीलता से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।