उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को उस समय भव्य धार्मिक पुनर्संस्कार कार्यक्रम हुआ, जब 15 ऐसे लोग जिनका किसी समय मुस्लिम धर्म में स्वागत किया गया था, अब उन्होंने दोबारा हिंदू धर्म में अपनाया है. यह आयोजन विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से संचालित किया गया, जिसमें भारी-संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में मंत्रोच्चार, शंखनाद और विधि-विधान के बीच पूरी प्रक्रिया को किया गया
घर वापसी की रस्म की गई
यह विधि शनि देव मंदिर में संपन्न हुई, जहां पहले मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना हुई और फिर इन सभी 15 व्यक्तियों को माला पहनाकर भगवा गमछा ओढ़ाया गया. माथे पर तिलक लगाया गया और उन्होंने “जय श्री राम” का उद्घोष कर अपनी धार्मिक पुनःस्थापना व्यक्त की.
पूरे आयोजन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात था और विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता शंख बजाते रहे, जिससे भावनात्मक माहौल और विधि की गरिमा बनी रही.
वापसी कराने वालों की सूची
परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने उन 15 व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक किए, जो विभिन्न जिलों से आए थे:
मानवी शर्मा (जैनब) – औरैया
सोनू और रानी – सहारनपुर
मालती – सिद्धार्थनगर
रीना – मुरादाबाद
पल्लवी, मन्नत, आब्दी, हरजीत कश्य – बलरामपुर
संचित, गौतम, रामनरेश मौर्य– बलरामपुर
नरेंद्र मिश्रा, हरजीत सिंह, मूर्ति देवी – बलरामपुर
फ़ंडिंग के आरोप लगाए गए
गोपाल राय ने आरोप लगाया कि बलरामपुर क्षेत्र से धार्मिक रूपांतरण करवाने वाले छांगुर बाबा (पीर मोहम्मद अहमद खान) और अब्दुल माबूद रजा के खिलाफ वीडियो कॉलिंग और सामाजिक दबाव के माध्यम से धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है.
उनका कहना है कि इन पर विदेश से फंडिंग की गतिविधियों के आरोप लगे हैं, और पुलिस तथा STF में कई मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई.
साथ ही, उन्होंने दावा किया कि 2020-21 में बलरामपुर और आसपास के इलाकों में लगभग 6,000 धर्म परिवर्तन किए गए. गोपाल राय ने इन्हें "बलरामपुर के छांगुर बाबा" का खेल बताया.
शिकायतों के आधार पर बयान दर्ज
हरजीत नाम के व्यक्ति ने बताया कि जब उन्होंने धर्म परिवर्तन से इनकार किया, तो उन पर जुर्माना और झूठे केस दर्ज कराए गए. बाद में बाबा ने उन्हें ₹2.5 लाख रूपये प्रस्तावित किए ताकि वे धर्म परिवर्तन मान लें.
वहीं मानवी शर्मा (जैनब) ने दावा किया कि उनके पति की शराब छुड़वाने का झांसा दिया गया था, लेकिन 2024 में उन्हें जबरदस्ती मुस्लिम निकाह की प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया और अब वो वापस हिंदू धर्म में लौट आई हैं.