Lucknow News: एरा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के 15 डॉक्टरों पर लापरवाही और धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज हुआ। डॉक्टरों ने फरवरी 2023 में एक महिला के ऑपरेशन के दौरान पर में सर्जिकल औजार छोड़ दिया था। करीब ढाई साल तक महिला दर्द से जूझती रही। उधर डॉक्टर पेन किलर देकर फीस के नाम पर वसूलते रहे।
ई डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी की
एल्डिको सिटी ब्रिज, आईआईएम क्रॉसिंग निवासी रूप सिंह पत्नी होशियार सिंह ने बताया कि जनवरी 2023 में पेट में तेज दर्द होने पर वह एरा मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। जांच के बाद 27 फरवरी 2023 को कई डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी की। टांके पकने पर 17 मार्च 2023 को दोबारा ऑपरेशन किया गया। उसके बाद 23 मार्च को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद भी पेट में रुक-रुक कर तेज दर्द होता रहा। अस्पताल जाने पर डॉक्टरों ने दर्द की असल वजह जानने के बजाय पेन किलर दवाई देकर पैसा लेते रहे।
डॉक्टरों ने गलत रिपोर्ट बना दी
परेशानी बढ़ने पर 2 अगस्त 2025 को एरा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया गया। उसके बाद एरा अस्पताल के डॉक्टरों ने एपेंडिसाइटिस बताकर तुरंत ऑपरेशन व फीस जमा करने का दबाव डाला। संदेह होने पर पीड़िता ने चरक अस्पताल में 8-9 अगस्त 2025 को सीटी स्कैन कराया। जिसमें पेट में सर्जिकल औजार होने की बात पता चली। पीड़िता के अनुसार, एरा अस्पताल में कराए गए अल्ट्रासाउंड में भी औजार दिखा था, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने इसे छिपाकर गलत रिपोर्ट बना दी थी।
आईसीयू में भर्ती करना पड़ा
इसके बाद 20 अगस्त 2025 को चरक अस्पताल में ऑपरेशन कर पेट से सर्जिकल औजार निकाला गया। डिस्चार्ज समरी में यह साफ तौर पर लिखा है। ऑपरेशन के बाद उन्हें हालत बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। पीड़िता का कहना है कि 2023 से 2025 के बीच इलाज के नाम पर एरा अस्पताल में उनसे करीब 5 लाख रुपए वसूले गए।
पुलिस से सुनवाई न होने पर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
पीड़िता ने बताया कि 27-28 अगस्त 2025 को पुलिस आयुक्त, थाने और अन्य अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अस्पताल के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर एरा अस्पताल के 15 डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।