राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे 150 से अधिक लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। पुलिस कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में जुट रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने में लगी है।
मार्च से पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया
अभिजीत दीपके ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने का ऐलान किया था। इस कार्यक्रम के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी थी। साथ ही, प्रदर्शनकारी पहले हिरासत में लिए गए CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में भी जुटने वाले थे। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने अभिजीत दीपके को झंडेवालान स्थित उनके अस्थायी निवास से निकलने के बाद हिरासत में लिया। इससे पहले पुलिस की एक टीम उनके आवास पर पहुंची थी और उन्हें प्रस्तावित मार्च आयोजित नहीं करने का नोटिस दिया था। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर का हवाला देते हुए यह कदम उठाया।
नेहा बोरा को भी पुलिस ने लिया हिरासत में
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आगे बढ़ रहीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें मंडी हाउस इलाके से उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ कनॉट प्लेस की ओर मार्च करने की तैयारी कर रही थीं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं। कुछ समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी को रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी।
क्या है ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का उद्देश्य?
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आयोजन ऐसे समय में किया गया, जब CJP और उससे जुड़े कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन के तहत मृत, स्थानांतरित और अन्य अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं तथा पात्र मतदाताओं को दोबारा नाम दर्ज कराने का विकल्प उपलब्ध है।
कनॉट प्लेस में पुलिस की सख्ती
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि निर्धारित प्रतिबंधों और आवश्यक अनुमति के बिना भीड़ जुटाने या मार्च निकालने पर कार्रवाई की जा सकती है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों को कनॉट प्लेस से हटाने की कार्रवाई जारी रही। अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की हिरासत के बाद प्रदर्शन का घटनाक्रम और महत्वपूर्ण हो गया है। फिलहाल, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की आगे की कानूनी प्रक्रिया और रिहाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।