सुपर-8 के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 76 रन से हरा दिया। इसके साथ ही भारत की 17 लगातार जीत का सिलसिला भी खत्म हो गया। ग्रुप स्टेज में अजेय दिख रही टीम यहां दबाव में बिखर गई। इस हार ने पूरे टूर्नामेंट का समीकरण बदल दिया है। अब आगे के दोनों मुकाबले भारत के लिए बेहद अहम हो गए हैं।
गेंदबाजी ने दी थी मजबूत शुरुआत
अफ्रीका की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए शुरुआती झटके दिए। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 3 विकेट लिए और टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए 33 विकेट पूरे कर नया रिकॉर्ड बनाया। अर्शदीप सिंह ने भी दो विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। उस समय लगा कि अफ्रीका बड़ा स्कोर नहीं बना पाएगा।
मिलर-ब्रेविस ने बदला मैच
लेकिन यहां से मैच का रुख बदल गया। डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने 97 रन की साझेदारी कर पारी संभाली। मिलर ने तेज अर्धशतक लगाया और ब्रेविस ने भी अहम रन जोड़े। आखिरी ओवरों में ट्रिस्टन स्टब्स ने तेजी से रन बनाकर स्कोर 187 तक पहुंचा दिया। यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण था, लेकिन असंभव नहीं।
बल्लेबाजी ने किया निराश
जवाब में टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। ईशान किशन बिना खाता खोले आउट हो गए। तिलक वर्मा 1 रन पर लौटे और अभिषेक शर्मा भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। कप्तान सूर्यकुमार यादव से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह भी जल्दी आउट हो गए। लगातार विकेट गिरने से रन गति संभल नहीं पाई और पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई।
मानसिक दबाव में दिखी कमजोरी
अफ्रीका ने दबाव में संयम दिखाया, जबकि भारतीय बल्लेबाज जल्दबाजी में शॉट खेलते नजर आए। गेंदबाजों की मेहनत बल्लेबाजी ने बेकार कर दी। ड्रेसिंग रूम में निराशा साफ दिखी। यह हार सिर्फ स्कोर की नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती की भी परीक्षा थी।
आगे की राह कठिन
76 रन की यह हार टी20 वर्ल्ड कप में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार बन गई। अब सेमीफाइनल की राह आसान नहीं है। टीम इंडिया को अगले मुकाबलों में बेहतर संतुलन और संयम दिखाना होगा। यह हार चेतावनी है कि बड़े टूर्नामेंट में एक गलती भी भारी पड़ सकती है।