इटावा के छोटे से गांव में एक ऐसी कहानी सामने आई है जो दिल को छूती है और सवाल भी खड़े करती है जहां एक साधारण युवक जिसका नाम अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है जो अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों को ढूंढने के लिए दिन रात बेकरार है. थानों के चक्कर काटे, अधिकारियों से गुहार लगाई. मगर जब कहीं से कोई जवाब नहीं मिला तो उसने खुद एक अनोखा रास्ता चुना और अपनी पत्नी और बच्चों को ढूंढने वाले के लिए इनाम घोषित कर दिया.
नहीं सुनी पीड़ित पति की किसी ने गुहार
दरअसल ये पूरा मामला इटावा के उसराहार थाना क्षेत्र का है, जहां एक पीड़ित युवक ने अपनी आपबीती बयां की है, उसका कहना है कि पत्नी अपने दो छोटे बच्चों और चचेरे ससुर के साथ करीब डेढ़ महीने पहले अचानक गायब हो गई थी. युवक ने बताया कि वो अपनी पत्नी से कोई अनबन नहीं चाहता. बस अपने बच्चों को वापस पाना चाहता है. उसका आठ साल का बेटा जो घर में अकेला रह गया है. अपनी मां और दो बहनों के लिए दिन रात आंसू बहाता है. पत्नी जहां जाना चाहे तहां चली जाए लेकिन मेरे बच्चे मुझे मिल जाए और पुलिस ने अभी तक कोई ऑब्जेक्शन नहीं उठाया. युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. थाने से लेकर बड़े अधिकारियों तक दौड़ लगाई. मगर हर बार उसे सिर्फ जांच चल रही है का जवाब मिला.
रिपोर्ट के बाद भी सख्त एक्शन नहीं
जिसके बाद थक हारकर युवक ने खुद कमर कसी और गांव-गांव गली-गली पोस्टर चिपकाए. जिसमें उसने अपनी पत्नी और बच्चों को ढूंढने वाले को ₹20000 देने का ऐलान कर दिया. ये मामला अब सिर्फ एक परिवार की तलाश तक सीमित नहीं रहा. गांव वालों में ये चर्चा आम है कि अगर ये मामला किसी बड़े रसूखदार का होता तो पुलिस अब तक ना जाने क्या-क्या कर चुकी होती. लोग कहते हैं जब चंबल के डकैतों पर इनाम रखने वाली पुलिस एक साधारण इंसान की फरियाद नहीं सुन पा रही तो फिर आम आदमी का भरोसा कहां जाएगा? उसराहार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट तो दर्ज है लेकिन डेढ़ महीने बाद भी कोई ठोस कारवाई नहीं हुई. सीओ अतुल प्रधान ने बताया कि युवक की पत्नी अपने बच्चों के साथ बाजार गई थी और वापस नहीं लौटी. लेकिन सवाल यह है कि क्या पुलिस ने बाजार की सीसीटीवी फुटेज खंगाले? क्या आसपास के इलाकों में तलाश की? इसका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है जिसको लेकर युवक धरने पर बैठा है.