विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अलका भारती ने नाबालिग से बहला फुसलाकर कुकर्म करने वाले आरोपी को दोषी पाए जाने पर 20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं में 20 हजार रुपए का भी लगाया है। अभियोजन की ओर से कोर्ट में पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक विक्रांत राठी व दीपक गौतम ने बताया कि जानसठ थाना क्षेत्र के गांव कवाल में 19 अप्रैल 2021 को आरोपी तेजपाल निवासी कवाल गाँव के ही एक नाबालिग बच्चे को बहला फुसलाकर अपने घर में ले गया।
आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी
आरोपी ने बच्चे के साथ जबरदस्ती कुकर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों ने थाने पर आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। उसके बाद जानसठ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) राजीव शर्मा ने बताया कि मामले की सुनवाई विशेष अपर एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अलका भारती की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से आरोप साबित करने के लिए कुल सात गवाह पेश किए गए।
आईपीसी की धारा 377 में 10 साअर्थदंड ल की सजा व 10 हजार रुपए अर्थदंड
विशेष न्यायधीश (पोक्सो एक्ट) अलका भारती ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी तेजपाल को नाबालिग बच्चे से कुकर्म का दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 377 में 10 साल की सजा व 10 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 506 में दो वर्ष का कारावास और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 में 20 वर्ष का कारावास एवं 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।