Big Preparation To Reduce Pollution: तेलंगाना में सार्वजनिक परिवहन को साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य की परिवहन सेवा शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसी योजना के तहत करीब 2000 नई इलेक्ट्रिक बसें हैदराबाद की सड़कों पर उतारी जाएंगी। माना जा रहा है कि इससे शहर में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
जल्द शुरू होगा निर्माण
इस योजना के तहत परिवहन विभाग ने दो कंपनियों के साथ बसों की आपूर्ति के लिए समझौता किया है। समझौते के बाद कंपनियां नई इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण शुरू करेंगी। अधिकारियों के मुताबिक बसों की डिलीवरी इस साल के अंत से शुरू होकर अगले साल अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद है। इन बसों के आने से पुराने धुआं छोड़ने वाले वाहनों की संख्या धीरे-धीरे कम की जाएगी।
केंद्र सरकार की योजना
देश के कई बड़े शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार भी इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा दे रही है। इसी योजना के तहत तेलंगाना को 2000 बसों की मंजूरी मिली है। इनमें कुछ लो-फ्लोर और कुछ स्टैंडर्ड फ्लोर बसें शामिल होंगी। इन बसों को शहर के अलग-अलग रूटों पर चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके।
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बसों के प्रकार पर चर्चा
शहर के कई इलाकों में स्पीड ब्रेकर ज्यादा होने के कारण परिवहन विभाग का मानना है कि कुछ जगहों पर स्टैंडर्ड फ्लोर बसें अधिक सुविधाजनक रहेंगी। वहीं केंद्र की ओर से शहरों में लो-फ्लोर बसें चलाने की सलाह दी गई है। इसी वजह से राज्य परिवहन विभाग ने इस मामले में केंद्र से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
डिपो में नई व्यवस्था
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग ढांचे पर भी काम शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत शहर के मौजूदा डिपो और नए प्रस्तावित डिपो में बिजली कनेक्शन लगाए जाएंगे। इसके अलावा हैदराबाद में अलग-अलग जगहों पर विशेष चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे, ताकि बसों को आसानी से चार्ज किया जा सके और उनकी सेवा सुचारू रूप से चलती रहे।