Bihar Chunav 2025: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है, खासकर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को लेकर उठे सवालों के बाद. जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कन्हैया कुमार को लेकर कांग्रेस और आरजेडी पर जमकर निशाना साधा. पीके का मानना है कि कन्हैया कुमार जैसे दमदार नेता को कांग्रेस अगर नजरअंदाज कर रही है, तो यह इस बात का संकेत है कि बिहार में कांग्रेस की हालत बेहद कमजोर हो चुकी है और वह आरजेडी की छाया बनकर रह गई है.
कन्हैया कुमार का किया अपमान
बिहार बंद के दौरान की एक घटना ने इन अटकलों को और हवा दी, जब कन्हैया कुमार और पप्पू यादव को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ वाहन में बैठने से रोक दिया गया. इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है कि क्या यह घटना सिर्फ सुरक्षा कारणों से हुई या इसके पीछे गहरी सियासी रणनीति थी. सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर बंटे नजर आए—कुछ ने इसे कन्हैया की उपेक्षा बताया, तो कुछ ने इसे आरजेडी की सोची-समझी रणनीति करार दिया.
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बिहार की राजनीति में होगा बदलाव?
प्रशांत किशोर ने यह भी संकेत दिए कि अगर कांग्रेस कन्हैया कुमार की कद्र नहीं करती, तो आने वाले समय में वह कोई नया राजनीतिक रास्ता चुन सकते हैं. पीके ने साफ तौर पर कहा कि बिहार में असली चुनौती वही नेता दे सकता है, जिसमें जनता से जुड़ने की ताकत हो—और उनके मुताबिक, कन्हैया कुमार में यह क्षमता साफ झलकती है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कन्हैया कांग्रेस में ही बने रहेंगे या फिर प्रशांत किशोर के साथ किसी नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत करेंगे.