उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी चुनाव योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर ही लड़ेगी। उनके बयान ने उस सस्पेंस को खत्म कर दिया, जिस पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। अब पार्टी ने यह संकेत दे दिया है कि नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है और रणनीति पूरी तरह तय है।
इंटरव्यू में खुलकर बोले नितिन नवीन
एक मीडिया इंटरव्यू में नितिन नवीन ने साफ शब्दों में कहा कि योगी आदित्यनाथ वर्तमान मुख्यमंत्री हैं और उनके नेतृत्व में सरकार चल रही है, इसलिए वही चुनाव का चेहरा होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी को भरोसा है कि इसी नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनाई जा सकती है। इस बयान के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है और विपक्षी दलों की रणनीति पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है।
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विकास और कानून व्यवस्था पर जोर
बीजेपी ने अपने चुनावी नैरेटिव में विकास और कानून व्यवस्था को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया है। नितिन नवीन ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को अपराध और वसूली के लिए जाना जाता था, लेकिन अब वही राज्य एक्सप्रेसवे, निवेश और बेहतर कानून व्यवस्था के लिए पहचान बना रहा है। उनका कहना है कि सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के क्षेत्र में बड़े काम किए हैं, जिनका असर जमीन पर दिख रहा है।
हैट्रिक का भरोसा और रणनीति
बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि गुड गवर्नेंस, योजनाओं का सीधा लाभ और मजबूत प्रशासनिक छवि ही 2027 में जीत की कुंजी होगी। नितिन नवीन ने कहा कि गरीबों के लिए चलाई गई योजनाओं से लेकर बड़े स्तर पर निवेश तक, हर क्षेत्र में काम हुआ है। यही कारण है कि पार्टी को हैट्रिक लगाने का भरोसा है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ की कानून व्यवस्था को सबसे बड़ी ताकत बताया।
2017 से अब तक का सफर
उत्तर प्रदेश में बीजेपी 2017 में सत्ता में लौटी थी और उसी समय योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया था। 2022 में भी पार्टी ने बहुमत हासिल कर दोबारा सरकार बनाई। हालांकि उस समय चेहरे को लेकर असमंजस था, लेकिन इस बार पार्टी ने पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब 2027 की लड़ाई में बीजेपी पूरी तरह तैयार नजर आ रही है और योगी के नेतृत्व को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत मान रही है।