
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। उसने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ प्रबंधक पर देहरादून एयरपोर्ट पर करीब 232 करोड़ रुपए गबन का आरोप है। सीबीआई ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से मिली एक शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोपी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, देहरादून एयरपोर्ट पर तैनात रहते हुए आधिकारिक और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों में हेराफेरी करके एएआई के साथ धोखाधड़ी और गबन की एक व्यवस्थित योजना में शामिल था। उसने करीब 232 करोड़ रुपए की सार्वजनिक धनराशि को निजी खातों में जमा कर लिया।
इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया
जांच में सामने आया कि 2019-20 से 2022-23 की अवधि में देहरादून एयरपोर्ट पर तैनात रहने के दौरान आरोपी ने डुप्लिकेट, फर्जी संपत्तियां तैयार के साथ संपत्तियों के मूल्यों को बढ़ाकर, इसमें एंट्री में शून्य जोड़ना शामिल था, ताकि नियमित पता लगाने से बचा जा सके। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। इस हेरफेर में करीब 232 करोड़ रुपए की राशि कथित तौर पर आरोपी के बैंक खाते में स्थानांतरित किया गया है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक था
बैंक लेनदेन की प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि इस प्रकार जमा की गई धनराशि को बाद में आरोपी की ओर से व्यापारिक खातों में स्थानांतरित किया गया। इससे जनता के पैसे की हेराफेरी हुई। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 28 अगस्त को जयपुर में आरोपी के आधिकारिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली। यहां से अचल संपत्तियों और मूल्यवान प्रतिभूतियों के दस्तावेजों समेत आपत्तिजनक सामग्री मिली। गिरफ्तार आरोपी का नाम राहुल विजय है,। ये भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक था।