
अरवल के विधायक महानंद सिंह पर 24 साल पुराना मामला भारी पड़ गया है। महानंद सिंह को कोर्ट ने जेल भेजने का आदेश दे दिया है। पुराने केस में भगोड़ा घोषित होने के बाद अब वर्तमान विधायक की विधायकी पर खतरे के बादल भी मंडरा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार अरवल से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माले के विधायक महानंद सिंह को सोमवार को सिविल कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दे दिया। एसडीजेएम मनीष कुमार की अदालत ने 24 साल पुराने एक मामले में विधायक महानंद सिंह को मंडल कारा, काको, भेजने का आदेश सुनाया।
कोविड की जांच कराई और जेल भेज दिया
कोर्ट के इस आदेश के बाद से पूरे न्यायालय परिसर में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए विधायक को तुरंत हिरासत में ले लिया। प्रशासन ने नियम के अनुसार सदर अस्पताल में ले जाकर विधायक महानंद सिंह की कोविड की जांच कराई और फिर उन्हें जेल भेज दिया।
आंदोलन में जहानाबाद में सड़क जाम
बताया जा रहा है कि 2001 में भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे राज्य में चक्का जाम का ऐलान किया गया था। महानंद सिंह उस आंदोलन में जहानाबाद में सड़क जाम किए थे। इसी मामले में जहानाबाद थाने में उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी विधायक दो दशक से भी अधिक समय तक कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसी वजह से अदालत ने उनको भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनके खिलाफ वारंट भी जारी कर दिया था। सोमवार को वे जब कोर्ट में उपस्थित हुए तो न्यायालय ने सख्त रवैया अपनाते हुए उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी। ऐसा माना जा रहा है कि बुधवार को विधायक की तरफ से जमानत याचिका दाखिल की जा सकती है। फिलहाल कोर्ट के इस सख्त रूप के बाद से विधायक के समर्थकों में निराशा देखी जा रही है।