लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया। इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। कैबिनेट में विभिन्न विभागों के 29 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से 28 को मंजूरी दी गई। जबकि, एक प्रस्ताव मदरसे से संबंधित स्थगित कर दिया गया।
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किया गया। यह जगह भगवान परशुराम की जन्मस्थली है। शासन ने 25 जून 2025 को अनुरोध किया था। केन्द्र सरकार से एनओसी आने के बाद इस पर अब कैबिनेट की भी सहमति मिल गई है।
बेरोजगारों को स्व रोजगार से जुडने को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को दो अहम फैसले किये। राज्य में अब स्टार्टअप नीति संचालित होगी। इस नीति का संचालन करने के लिए स्टार्टअप मिशन निदेशालय बनाया जाएगा। इस आशय के दो प्रस्तावों को सोमवार को यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति दी गयी। यह जानकारी प्रदेश के इलेक्ट्रानिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिक मंत्री सुनील शर्मा ने दी।
मंत्री शर्मा बताया कि इस स्टार्टअप मिशन को सोसाएटी एक्ट के तहत पंजीकृत करवाया जाएगा। इन्क्यूबेशन स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही प्रदेश सरकार ने अब अपनी स्टार्टअप नीति भी बना ली है। अब इस नीति को नवगठित स्टार्टअप मिशन निदेशालय संचालित करेगा। इस मिशन के लिए एक स्टीयरिंग कमेटी बनेगी, जिसमें मुख्य सचिव भी शामिल रहेंगे।
एक वरिष्ठ आई ए एस अधिकारी को सी ई ओ बनाया जाएगा। अभी तक स्टार्टअप का सारा काम उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स काउंसिल के अधीन चल रहा था। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढायी जाएगी।
उप्र में स्टार्टअप, करने सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत उप्र स्टार्टअप मिशन की स्थापना से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
डाटा सेंटर नीति फिर से लागू
डाटा सेंटर नीति जो समाप्त हो गई थी, आज फिर से लागू कर दी गई। मिशन डायरेक्टरेट बॉडी के हेड चीफ सेक्रेटरी होगें। एंपावरमेंट कमेटी बनाई जाएगी। अभी तक स्टार्टअप पॉलिसी में प्रोटोटाइप 10 लाख और सीए कैपिटल 15 से 50 लाख है। इनक्यूबेटर संचालन को 40 लाख सालाना अनुदान मिलेगा। 1000 करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। इसमें 400 करोड़ एकेटीयू का है।
पशुधन बीमा योजना बनी
प्रदेश की योगी सरकार ने पशुपालकों को भी राहत दिये जाने का फैसला किया है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में हुए फैसले की जानकारी देते हुए पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पशु स्वास्थ्य जोखिम व प्रबंधन बीमा योजना लागू करने का फैसला किया है।
यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इस बीमा योजना की प्रीमियम में 85 प्रतिशत योगदान प्रदेश सरकार और 15 प्रतिशत योगदान पशुपालक का होगा। योजना के तहत पशु की महामारी, बीमारी, दैवीय आपदा या दुर्घटना में मृत्यु होने या अपंग होने पर सम्बंधित पशुपालक को क्षतिपूर्ति की जाएगी।
मुर्रा भैंस 75000, विदेशी, हरियाणवी, साहिबान गिरी गाय की कीमत 50 हजार से 65 हजार तक रहेगी। बैल की कीमत 40 हजार, खच्चर, गधा आदि 20 हजार, घोड़ा 60 हजार, भेड़ और बकरी की 6500 रुपये कीमत रहेगी। बीमा में केंद्र का राज्यांश 51 फीसदी, राज्य का 34 फीसदी और किसान का 15 फीसदी रहेगा। दैवीय आपदा, बीमारी और हादसे पर बीमा मिलेगा। गौशालाओं में 1.35 लाख गाय हैं। इन पर हर दिन आठ करोड़ रुपये खर्च हो रहा है।
तीन नए निजी विश्वविद्यालयो को मंजूरी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में निजी क्षेत्र में तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी भी मिली है।उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) जारी करने और संचालन प्राधिकार-पत्र देने का प्रस्ताव कैबिनेट से पास हुआ है।