
मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र के ग्राम खुड्डा निवासी कार चालक को देहरादून एयरपोर्ट जाने के नाम पर बुक करके उसकी हत्या करने और कार को शामली जनपद में जलाने के मामले में मास्टरमाइंड मुख्य अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस ने उसके साथ दो अन्य सहयोगी भी गिरफ्तार किए जिन्होंने इस वारदात के सबूत मिटाने का प्रयास किया था। पूरी जांच में सामने आया कि मुख्य अभियुक्त का तस्करी करके लाया गया 300 ग्राम सोना शोएब की हत्या का कारण बना।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि छपार थाने पर ग्राम खुड्डा निवासी शराफत द्वारा अपने पुत्र शोएब की गुमशुदगी नौ अक्टूबर को दर्ज करायी गयी थी। पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा शोएब को ढूंढने के प्रयास किये जा रहे थे, इसी दौरान जनपद शामली में 14 अक्टूबर को शोएब की गाडी जली हुई अवस्था में मिली तथा दिनांक 17 अक्टूबर की रात्रि को शोएब का शव जनपद सहारनपुर के थाना क्षेत्र बिहारीगढ के अंतर्गत देहरादून रोड के पास मिला। परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना छपार पर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।
इस मामले के खुलासे के लिए एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत के निर्देशन में टीम गठित की गयी। गठित छपार थाना पुलिस टीम बुधवार 22 अक्टूबर को मय मिशन शक्ति पुलिस टीम के साथ त्यौहारों के दृष्टिगत संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों की चेकिंग कर रही थी सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा राजबाहे की पटरी पर पहुंचकर आवश्यक बल प्रयोग कर मौके से 03 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 01 व्यक्ति मुकर्रम अली कार चालक की हत्या और कार जलाने के मामले में में मास्टरमाइंड एवं मुख्य अभियुक्त है, उसके साथ ही 02 अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया जिनके द्वारा स्वीकार किया गया कि मृतक शोएब की वरना गाड़ी को उनके द्वारा की जनपद शामली में जलाया गया था। गिरफ्तार मुकर्रम अली पुत्र सिकन्दर छपार थाना क्षेत्र के ग्राम खुड्डा का ही रहने वाला है जबकि उसके साथ पकड़े गए दो अन्य आरोपी असद पुत्र शाहबुद्दीन सहारनपुर जनपद के गंगोह थाना क्षेत्र के सराय मखदूमजहां तथा दूसरा उस्मान पुत्र अली मुद्दीन गंगोह क्षेत्र के ही खानपुर का निवासी है।
एक दिन पूर्व मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार किए गए थे
छपार पुलिस टीम द्वारा इस हत्या व कार जलाने के योग में 21 अक्टूबर की रात्रि को वांछित अभियुक्त मनव्वर पुत्र मन्सूर निवासी देवबंद के मौहल्ला गुर्जर वाडा कुटी रोड व अंकित राणा पुत्र समय सिंह निवासी ग्राम फतेहपुर धारूवाला थाना देवबन्द को पुलिस मुठभेड के दौरान गिरफ्तार किया गया था (पुलिस मुठभेड में मनव्वर घायल हुआ था)। अभियुक्तगण से अवैध शस्त्र मय कारतूस, बिना नम्बर प्लेट लगी मोटरसाइकिल व हत्या में प्रयुक्त चाकू व क्लच का तार बरामद किये गये थे।
गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त मुकर्रम द्वारा पूछताछ के दौरान बताया कि उसने मृतक शोएब को 02 व्यक्तियों को देहरादून एयरपोर्ट छोडने के लिए कहा था साथ ही अंकित व मनव्वर को शोएब की हत्या की सुपारी दी थी। अंकित व मनव्वर द्वारा शोएब की हत्या कर शव को थाना क्षेत्र बिहारीगढ में फेंक दिया था तथा गंगोह निवासी अपने 03 साथियों (असद, उसमान व 01 अन्य अभियुक्त) को शोएब की गाडी दी थी, तीनों अभियुक्तों द्वारा शामली में मृतक शोएब की गाडी को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से जला दिया गया था तथा फरार हो गये थे। मुख्य अभियुक्त मुकर्रम द्वारा यह भी बताया गया कि उसने वर्ष 2024 मे शोएब के माध्यम से चोरी छुपे 300 ग्राम सोना, चार्जर मे फिट करके भारत अपने घर भिजवाया था परन्तु शोएब द्वारा बताया गया था कि एक चार्जर चेकिंग में पकडा गया, तभी से वह शोएब से अपना सोना मांग रहा था। शोएब के सोना न देने पर उसने योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या करा दी।