336-hour war plan: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के कथित ‘336 घंटे’ यानी 14 दिनों के युद्ध फॉर्मूले को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी में है, जिसमें तेज और निर्णायक कार्रवाई की रणनीति बनाई गई है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात तेजी से बदलते दिख रहे हैं।
शांति वार्ता विफल
बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इसके बाद वॉशिंगटन में सैन्य विकल्पों पर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम पर सख्ती नहीं दिखाता, तो कार्रवाई जरूरी हो सकती है।
336 घंटे का फॉर्मूला क्या है?
रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस प्लान के तहत 14 दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर हमले कर ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एयर स्ट्राइक, मिसाइल हमले और जरूरत पड़ने पर सीमित जमीनी ऑपरेशन भी शामिल हो सकते हैं। इस रणनीति का उद्देश्य कम समय में अधिकतम प्रभाव डालना बताया जा रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य हलचल
फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर बताई जा रही हैं। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
दुनिया भर में बढ़ी चिंता
अगर यह टकराव बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कूटनीतिक समाधान तलाशना बेहद जरूरी है, ताकि बड़े संघर्ष से बचा जा सके।