टी20 क्रिकेट में जहां आमतौर पर 180 से 200 रन को अच्छा स्कोर माना जाता है, वहीं 344 रन का आंकड़ा किसी सपने से कम नहीं लगता। लेकिन यह सपना हकीकत बना जब जिम्बाब्वे ने अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऐसा कर दिखाया। 120 गेंदों के इस खेल में इतना बड़ा स्कोर बनाना आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए हैरानी का विषय है और यही वजह है कि इसे टी20 का सबसे ऊंचा पहाड़ कहा जा रहा है।
छोटी टीम ने किया बड़ा धमाका
इस रिकॉर्ड की सबसे खास बात यह है कि इसे किसी बड़ी या मजबूत टीम ने नहीं, बल्कि जिम्बाब्वे जैसी टीम ने बनाया, जो अक्सर शीर्ष टीमों में शामिल नहीं रहती। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि क्रिकेट में नाम नहीं, खेल मायने रखता है। उस दिन मैदान पर जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया और विरोधी टीम को पूरी तरह बेबस कर दिया।
नैरोबी में बना इतिहास
यह ऐतिहासिक मुकाबला अफ्रीका क्षेत्रीय क्वालीफायर के दौरान नैरोबी में खेला गया था। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 344 रन बना दिए। यह स्कोर इतना बड़ा था कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमें भी इसके आसपास नहीं पहुंच सकी हैं। उस दिन हर ओवर में रन बरस रहे थे और गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था।
सिकंदर रजा की तूफानी पारी
इस ऐतिहासिक जीत के हीरो कप्तान सिकंदर रजा रहे, जिन्होंने सिर्फ 43 गेंदों में नाबाद 133 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 15 छक्के और 7 चौके शामिल थे। उनका प्रहार इतना खतरनाक था कि गेंद हर दिशा में मैदान से बाहर जाती नजर आई। उनका यह प्रदर्शन टी20 इतिहास की सबसे विस्फोटक पारियों में गिना जाता है।
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जाम्बिया की टीम बिखर गई
345 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जाम्बिया की टीम दबाव में पूरी तरह टूट गई। पूरी टीम सिर्फ 54 रन पर सिमट गई और जिम्बाब्वे ने यह मुकाबला 290 रन के बड़े अंतर से जीत लिया। यह जीत भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है। गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम को संभलने का मौका नहीं दिया।
छक्कों चौकों की बरसात और नया इतिहास
इस मैच में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने कुल 27 छक्के और 30 चौके लगाए। यह आंकड़ा बताता है कि उस दिन बल्लेबाजी किस स्तर पर थी। यही कारण है कि यह रिकॉर्ड आज भी अटूट माना जाता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कई वर्षों तक कोई भी टीम इस आंकड़े को पार नहीं कर पाएगी, और यह रिकॉर्ड टी20 इतिहास में हमेशा चमकता रहेगा।