
Prayagraj inspector: प्रयागराज के सब इंस्पेक्टर चंद्रदीप निषाद (जो सोशल मीडिया पर खुद को 'गंगा‑तैराक दरोगा' बताते हैं) ने पिछले चार-पाँच दिनों से लगातार वीडियो पोस्ट करते हुए जैसे एक-व्यक्ति फ्लोटिंग रियलिटी शो शुरू कर रखा हो। पहले उन्होंने बाढ़ के पानी में दूध और फूल चढ़ाकर ‘माँ गंगा’ की पूजा की, फिर उसी पानी में तैरते हुए वीडियो बनाया। इसके बाद अचानक पहले मंजिल से पानी में छलांग लगा दी और कहा, “तैराकी तो हमारी ख़ून में है!” फिर अगली वीडियो में अपनी बेटियों के साथ पानी में छलांग लगाई और दर्शकों को दिखाया कि “हमारी छोरियाँ छोरो से कम नहीं!”
दरोगा जी रुकने का नाम ही नहीं ले रहे—हर दिन नई थीम, नया लुक, और सोशल मीडिया पर फैंस की उत्सुकता सिर्फ बढ़ रही है—लगता है उन्होंने खुद को लड़ाकू ‘जल कलाकार’ के रूप में लॉन्च कर लिया है।
वीडियो का रंग‑ढंग: चॉप‑चॉप स्टाइल सर्च रिजल्ट जैसा
सोशल मीडिया पर इन वीडियोज़ का अलग ही अंदाज़ चल रहा है: कोई कहता है यह पूजा का सीन है, कोई कह रहा है गंगा की डांस पार्टी, कोई मनोरंजन की नई ट्रेंडिंग श्रेणी.’Video search तरह से देखिए,’ की थ्रेड खुल गई है—दरोगा जी कभी जल आरती में, कभी पूजा करते, कभी ऊंचे फर्स्ट फ्लोर से पानी में कूदते, फिर बेझिझक बेटियों के साथ पोज़ देते—हर एक वीडियो ऐसा लगता जैसे गूगल सर्च suggestions ही लाइव चल रहे हों!
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सरकार का साइलेंट ट्रीटमेंट—या चर्चित ब्रेक के इंतजार में है?
यह पूरा मसला सिर्फ दरोगा जी का मस्ती-मजाक नहीं है, बल्कि प्रशासन की जल निकासी व्यवस्था और बाढ़ प्रबंधन सिस्टम की पोल खोल रहा है। जब एक पुलिस अधिकारी का दम नहीं खोल पा रहा है और उसे खुद ही मलापूजा‑शो चलाना पड़ रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा और राहत कितनी मज़बूत होगी? सोशल मीडिया पर लोग मजाक भी उड़ा रहे हैं और सरकार से सवाल भी पूछ रहे हैं: “जब ये दरोगा जी के खुद के घर का पानी नहीं निकाल पा रहे, तो आम आदमी की हालत क्या होगी?”
वीडियो वायरल हैं, लेकिन राहत के लिए अभी तक एक्शन को इंटरनेट ट्रेंड नहीं बनाया गया है