
भारत ने एक बार फिर अपनी कूटनीतिक और सैन्य ताकत से पूरी दुनिया को चौंका दिया है. पाकिस्तान से लेकर अरब देशों तक में खलबली मच गई है, क्योंकि जिस मुस्लिम देश UAE को पाकिस्तान कभी अपना सबसे बड़ा सहयोगी बताता था, वही अब भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा दिखाई दे रहा है. दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की लैंड फोर्सेज के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मयूफ सईद अल हल्लामी दो दिन के भारत दौरे पर आए हैं. दिल्ली में उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया, और भारतीय सेना ने उन्हें देश की सैन्य ताकत और अत्याधुनिक तकनीक से रूबरू कराया. जानकारों का कहना है कि ये दौरा पाकिस्तान के लिए किसी 440 वोल्ट के झटके से कम नहीं है.
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारियां दिखाईं
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही अल हल्लामी भारत पहुंचे, उन्हें भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारियां दिखाईं गईं वही ऑपरेशन जिसने पाकिस्तान को हिला दिया था. भारत की सटीक और घातक सैन्य रणनीति ने उस वक्त दुनिया को दिखा दिया था कि भारतीय सेना सिर्फ रक्षा के लिए नहीं, बल्कि निर्णायक जवाब देने में भी सक्षम है. अब उसी अभियान की जानकारी एक मुस्लिम देश के सैन्य कमांडर को दी जाना अपने आप में एक कूटनीतिक संदेश है कि भारत अब केवल दक्षिण एशिया नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का भरोसेमंद रक्षा साझेदार बन चुका है. मेजर जनरल अल हल्लामी को भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की युद्ध रणनीतियों पर ब्रीफिंग दी गई, साथ ही उन्हें ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक और पिनाका मल्टी रॉकेट लॉन्चर जैसे स्वदेशी हथियारों की जानकारी भी दी जाएगी.
निवेश, तकनीकी साझेदारी बढ़ाने की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, UAE अब भारत के रक्षा क्षेत्र में निवेश और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने की तैयारी में है. ये वही देश है जो कभी पाकिस्तान के नेतृत्व में बनने वाले ‘इस्लामिक मिलिट्री अलायंस’ का हिस्सा था. उस समय पाकिस्तान इस गठबंधन का नेतृत्व करने के सपने देख रहा था, लेकिन अब वही अरब देश भारत के साथ रक्षा सौदे पर चर्चा कर रहे हैं. उधर, पाकिस्तान की हालत यह है कि उसने हाल ही में सऊदी अरब के साथ एक डील की है, जिसमें वह अपने 25,000 सैनिकों को 10 अरब डॉलर में भेजेगा यानि अब पाकिस्तान की सेना सुरक्षा गार्ड की तरह “किराए पर” काम करेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी कूटनीतिक हार है.
इस्लामाबाद से दोहा और रियाद तक चिंता
भारत के बढ़ते प्रभाव से अब इस्लामाबाद से लेकर दोहा और रियाद तक चिंता बढ़ गई है. जनरल मुनीर की नींद उड़ चुकी है क्योंकि जिस इस्लामिक यूनिटी के सहारे पाकिस्तान भारत पर दबाव बनाना चाहता था, वही अब बिखर चुकी है. UAE की इस यात्रा ने साबित कर दिया है कि भारत का कूटनीतिक नेटवर्क और सैन्य प्रभाव अब अरब दुनिया में भी गूंज रहा है. इसे भारत की “साइलेंट डिप्लोमेसी” की सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है. अब सवाल सिर्फ इतना है भारत का अगला कदम क्या होगा? क्योंकि मौजूदा संकेत साफ हैं कि भारत अब सिर्फ एशिया का नहीं, बल्कि दुनिया का नया रणनीतिक केंद्र बन चुका है.