उत्तर भारत में सर्दियों के साथ कोहरे का खतरा बढ़ने लगा है। घने कोहरे के कारण हर साल ट्रेनों की रफ्तार पर असर पड़ता है और यात्रियों को भारी देरी का सामना करना पड़ता है। इस बार समय रहते तैयारी करते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। एक दिसंबर 2025 से तीन मार्च 2026 तक कुल 24 जोड़ी यानी 48 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इसका सबसे ज्यादा असर यूपी, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, बंगाल और उत्तर-पूर्व के यात्रियों पर पड़ेगा।
तीन महीने तक नहीं चलेंगी 48 ट्रेनें
सर्दियों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होती है, जिससे ट्रेनों की समय-सारिणी बुरी तरह प्रभावित होती है। दिसंबर से फरवरी तक चलने वाले घने कोहरे को देखते हुए रेलवे ने 24 जोड़ी ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। यह रद्दीकरण चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
लंबी दूरी की ट्रेनों पर सबसे बड़ा असर
इस सूची में ज्यादातर वे ट्रेनें शामिल हैं जो यूपी, बिहार, बंगाल और उत्तर-पूर्व को दिल्ली, पंजाब और झारखंड से जोड़ती हैं। लंबी दूरी वाली गाड़ियों में देरी और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ने के कारण इन्हें रद्द किया गया है।
. कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें सूची में शामिल
टाटा–अमृतसर एक्सप्रेस, हटिया–आनंद विहार, संतरागाछी–आनंद विहार, पूर्णिया कोर्ट–अमृतसर जनसेवा, डिब्रूगढ़–चंडीगढ़, कामाख्या–गया एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें इन महीनों में नहीं चलेंगी। कुछ रद्दीकरण 23 फरवरी तक हैं, जबकि कुछ 2-3 मार्च तक जारी रहेंगे।
पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों के यात्रियों की समस्या बढ़ेगी
कामाख्या, मालदा टाउन, कोलकाता और हावड़ा से चलने वाली कई ट्रेनों की बंदी से लाखों यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसमें त्योहार, परीक्षाओं और नौकरी पर जाने वाले लोगों की यात्रा योजनाएं प्रभावित होंगी।
यात्रियों को वैकल्पिक विकल्प खोजने की सलाह
रद्दीकरण अवधि लंबी होने के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा पहले से प्लान करने और वैकल्पिक ट्रेनों की तलाश करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जरूर चेक करने की अपील की गई है।