टीम इंडिया ने नीदरलैंड को 17 रन से हराकर ग्रुप स्टेज के सभी मुकाबले जीत लिए। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 193 रन बनाए। जवाब में नीदरलैंड 176 रन तक पहुंच सका। यह जीत आसान नहीं थी, क्योंकि मैच में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
शुरुआत में लड़खड़ाई बल्लेबाजी
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अभिषेक शर्मा एक बार फिर बिना खाता खोले आउट हो गए। ईशान किशन ने 7 गेंदों में 18 रन बनाए लेकिन ज्यादा देर टिक नहीं पाए। 69 रन तक भारत के 3 विकेट गिर चुके थे। ऐसे में टीम दबाव में दिख रही थी।
दुबे ने बदला मैच
यहीं से शिवम दुबे ने कमान संभाली। उन्होंने सिर्फ 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। 31 गेंदों में 66 रन बनाकर उन्होंने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी में 6 छक्के और 4 चौके शामिल थे। हार्दिक पंड्या ने 30 रन बनाकर उनका साथ दिया। दोनों के बीच अहम साझेदारी हुई, जिससे टीम 193 तक पहुंच सकी।
वरुण की रहस्यमयी गेंदबाजी
लक्ष्य का पीछा करते हुए नीदरलैंड ने संभलकर शुरुआत की। लेकिन बीच के ओवरों में वरुण चक्रवर्ती ने मैच पलट दिया। उन्होंने अपनी घूमती गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान किया और 3 विकेट झटके। लगातार दो गेंदों पर विकेट लेकर उन्होंने नीदरलैंड की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।
फील्डिंग बनी चिंता
हालांकि भारत की फील्डिंग ने चिंता बढ़ाई। मैच में 5 कैच छोड़े गए। इन गलतियों की वजह से नीदरलैंड आखिरी ओवर तक मुकाबले में बना रहा। नूह क्रोस और जैक लायन कैशेट ने तेज रन बनाकर दबाव बढ़ाया। लेकिन जसप्रीत बुमराह और दुबे ने आखिरी समय में संयम दिखाकर जीत सुनिश्चित की।
सुपर-8 से पहले मिला सबक
यह जीत खुशी देने वाली जरूर है, लेकिन टीम को कुछ सबक भी दे गई। बल्लेबाजी और गेंदबाजी मजबूत दिखी, लेकिन फील्डिंग में सुधार की जरूरत है। अब सुपर-8 के मुकाबले सामने हैं, जहां छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है। फिलहाल भारत आत्मविश्वास के साथ अगले दौर में उतरने को तैयार है।