Fortune 500 Indian Companies : 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय उद्योग जगत के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया. उन्होंने कहा कि भारत को सिर्फ बड़ा बाजार बनकर नहीं रहना है, बल्कि ऐसी वैश्विक कंपनियां तैयार करनी हैं जो दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें. इसी सोच के तहत उन्होंने फॉर्च्यून 500 सूची में 50 भारतीय कंपनियों को शामिल कराने का लक्ष्य सामने रखा.
फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक ताकत का असर वैश्विक स्तर पर दिखना चाहिए. उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि भारतीय कंपनियां दुनिया के बड़े मंचों पर अपनी मौजूदगी मजबूत करें. उनके अनुसार आने वाले वर्षों में देश का लक्ष्य फॉर्च्यून 500 की सूची में 50 भारतीय कंपनियों को पहुंचाना होना चाहिए. इसे उन्होंने विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
दुनिया के शीर्ष बैंकों में भी हो भारत की पहचान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बैंकिंग क्षेत्र का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत का बैंकिंग सेक्टर लगातार मजबूत हो रहा है और अब लक्ष्य यह होना चाहिए कि दुनिया के शीर्ष 5 बैंकों में एक भारतीय बैंक शामिल हो. प्रधानमंत्री के मुताबिक देश की वित्तीय संस्थाओं को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए.
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दवा क्षेत्र में भी दुनिया की अगुवाई का सपना
प्रधानमंत्री ने फार्मा उद्योग को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा कि भारतीय दवा कंपनियों को दुनिया की शीर्ष 5 फार्मा कंपनियों में जगह बनाने का प्रयास करना चाहिए. भारत पहले से ही वैश्विक स्तर पर दवाओं के बड़े उत्पादकों में शामिल है और अब इसे गुणवत्ता, अनुसंधान और नवाचार के जरिए नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की जरूरत है.
5 से 7 साल में बड़े बदलाव की उम्मीद
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास युवा शक्ति, संसाधन और क्षमता की कोई कमी नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जो उपलब्धियां पिछले कई दशकों में हासिल नहीं हो सकीं, उन्हें अगले 5 से 7 वर्षों में हासिल करने का प्रयास होना चाहिए. उनके अनुसार यही समय भारत के आर्थिक परिवर्तन का निर्णायक दौर साबित हो सकता है.
टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग पर खास जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी डिजिटल तकनीक दुनिया के हर कोने तक पहुंचानी होगी. उन्होंने मेड-इन-इंडिया 6G तकनीक को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की बात कही. साथ ही बताया कि पिछले 12 वर्षों में डिफेंस उत्पादन करीब 4 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण 7 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है. उनके अनुसार यही बढ़ती क्षमता भारत को वैश्विक आर्थिक ताकत बनाने की दिशा में आगे ले जाएगी.