देश में बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने फैसला किया है कि अब प्रवासी मजदूरों को 5 किलो वाला LPG सिलेंडर बिना स्थायी एड्रेस प्रूफ के भी मिल सकेगा। यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो काम के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहते हैं और गैस कनेक्शन लेने में परेशानी झेलते थे।
किन लोगों को मिलेगा फायदा
इस फैसले का सबसे ज्यादा लाभ प्रवासी मजदूरों को मिलेगा, जो रोजी-रोटी के लिए अपने घर से दूर रहते हैं। इसके अलावा दूसरे शहरों में पढ़ाई कर रहे छात्र और दिहाड़ी मजदूर भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। पहले इन लोगों के पास स्थायी पते का प्रमाण नहीं होने के कारण गैस सिलेंडर लेना मुश्किल होता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया आसान हो गई है।
सप्लाई भी हुई दोगुनी
सरकार ने सिर्फ नियमों में ही ढील नहीं दी, बल्कि 5 किलो वाले सिलेंडर की सप्लाई भी दोगुनी कर दी है। जानकारी के मुताबिक रोजाना करीब 1 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। 23 मार्च से अब तक लगभग 11 लाख सिलेंडर की बिक्री हो चुकी है। इससे साफ है कि इस फैसले का असर जमीन पर दिखने लगा है और लोगों को राहत मिल रही है।
ये भी पढ़ें : Delhi EV Policy: 1.5 लाख तक का फायदा, टैक्स-रजिस्ट्रेशन फ्री, पेट्रोल गाड़ियों पर सख्ती तय
किन दस्तावेजों से मिलेगा सिलेंडर
हालांकि पूरी तरह बिना पहचान के सिलेंडर नहीं मिलेगा, लेकिन अब स्थायी एड्रेस की जरूरत नहीं होगी। ग्राहक आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज दिखाकर सिलेंडर ले सकते हैं। इससे उन लोगों को काफी सुविधा मिलेगी, जिनके पास किराए के घर का कोई पक्का प्रमाण नहीं होता।
क्या बदलेगी आम लोगों की मुश्किलें?
सरकार का यह कदम खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। छोटे सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ने से खाना बनाने जैसी जरूरी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी। हालांकि यह देखना बाकी है कि आने वाले समय में सप्लाई और मांग के बीच संतुलन कैसे बना रहता है। फिलहाल इस फैसले से लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।