फर्रुखाबाद जिले के जहानगंज थाना क्षेत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी वर्ष 2024-25 में बड़ी अनियमितता का केस सामने आया है। जांच में सामने आया है कि चकबंदी के तहत आने वाले ग्राम बली पट्टी रानीगांव में 14 और ग्राम पंचायत गुडेरा के 7 किसानों को करीब 43 लाख रुपए और बंथलशाहपुर गांव के 13 किसानों को 25,71,610 रुपए बीमा का भुगतान गया है। यह वह किसान हैं, जिनके पास गांव में जमीन ही नहीं है।
किसानों को 18.37 लाख रुपए का भुगतान किया
उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने जानकारी दी कि इस मामले में थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें बताया गया है कि ग्राम बलीपट्टी रानीगांव में 15 किसानों को कुल 25.15 लाख रुपए का बीमा भुगतान किया गया। जांच में पाया गया कि इनमें से 14 किसानों के पास गांव में कोई जमीन नहीं थी। केवल एक किसान के पास मात्र 0.026 हेक्टेयर जमीन पाई गई फिर भी उसे तय रकम से 23 हजार रुपए अधिक का भुगतान कर दिया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत गुडेरा में 7 किसानों को 18.37 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। जांच में सामने आया कि सभी 7 किसानों के पास भी संबंधित गांव में जमीन नहीं है। इस प्रकार दोनों गांवों में करीब 43 लाख रुपए का भुगतान योजना के नियमों का उल्लंघन करके किया गया।
डीएम के आदेश पर जांच
जिलाधिकारी के आदेश पर गठित तहसील स्तरीय जांच समिति, चकबंदी अधिकारियों और संबंधित विभागों की रिपोर्ट में इस पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया है। जांच में फसल बीमा कंपनी एचडीएफसी एग्रो, जनरल इंश्योरेंस के प्रतिनिधियों और कई बैंकों के शाखा प्रबंधकों, कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार बीमा कंपनी के प्रतिनिधि प्रवीन पाल, विकास कुमार और अरुण कुमार के साथ ही बैंक ऑफ इंडिया, आर्यावर्त बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक की संबंधित शाखाओं के प्रबंधक और कर्मचारी दोषी पाए गए हैं।