आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि: रात 11:17 बजे तक
शुभ योग: देर रात 2:52 बजे तक
मघा नक्षत्र: रात 9:41 बजे तक
विशेष: द्वादशी तिथि का श्राद्ध
धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए बुधवार को अलग-अलग समय पर मुहूर्त रहेंगे।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 बजे से 5:42 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:18 बजे से 6:30 बजे तक
कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:25 बजे से 3:12 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:22 बजे से 6:46 बजे तक
राहुकाल को ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त समय नहीं माना जाता। बुधवार को प्रमुख शहरों में इसका समय इस प्रकार रहेगा:
दिल्ली: दोपहर 12:09 बजे से 1:37 बजे तक
मुंबई: दोपहर 12:26 बजे से 1:55 बजे तक
चंडीगढ़: दोपहर 12:11 बजे से 1:38 बजे तक
लखनऊ: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 1:22 बजे तक
भोपाल: दोपहर 12:08 बजे से 1:36 बजे तक
कोलकाता: सुबह 11:24 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक
अहमदाबाद: दोपहर 12:27 बजे से 1:56 बजे तक
चेन्नई: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 1:26 बजे तक
7 अक्टूबर को सूर्य सुबह 6:16 बजे उदय होंगे, जबकि शाम 6:00 बजे सूर्यास्त होगा।
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धार्मिक परंपराओं में पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि को विशेष माना गया है। इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनका निधन द्वादशी तिथि को हुआ हो। साथ ही संन्यास लेने वाले पूर्वजों के लिए भी इस दिन श्राद्ध कर्म करने की परंपरा बताई जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है। इस दिन पितृ मंत्रों का जाप और पितृ स्तोत्र का पाठ करने की परंपरा भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे पितरों की शांति और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।