
भारतीय परंपरा में घर का पूजा स्थान सबसे पवित्र और शक्तिशाली माना गया है। जहां मंदिर और पूजा घर के नियम पूरे आदर के साथ निभाए जाते हैं, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है और सात जन्मों तक धन-समृद्धि की कमी नहीं रहती। लेकिन अगर इन नियमों की अनदेखी हो, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा और बाधाएं बढ़ने लगती हैं। यही कारण है कि ऋषि-मुनियों और शास्त्रों ने पूजा घर की सफाई और आचार-विचार को विशेष महत्व दिया है। आइए जानते हैं वे खास नियम जिन्हें अपनाने से घर में सुख-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है।
शनिवार को करें सफाई
शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन पूजा घर की सफाई करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
गंगाजल का छिड़काव
सफाई के बाद पूजा घर में गंगाजल छिड़कना बेहद शुभ माना गया है। इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर दिव्यता और शांति का वातावरण बनता है।
दीपक की सफाई
दीपक ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक है। अगर दीपक गंदा हो या उसमें कालिख जमी हो, तो उसका प्रभाव कम हो जाता है। इसलिए दीपक को रोज साफ करना जरूरी है।
गुरुवार और एकादशी को न करें सफाई
शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार और एकादशी के दिन पूजा घर की सफाई वर्जित है। इन दिनों की गई सफाई से पूजा का फल कम हो सकता है।
तस्वीरें जमीन पर न रखें
देवी-देवताओं की तस्वीरें और मूर्तियां श्रद्धा का प्रतीक हैं। इन्हें कभी भी जमीन पर रखना अपमानजनक माना गया है। सफाई के दौरान इन्हें हमेशा साफ कपड़े या मेज पर ही रखें।
मंदिर पर पर्दा लगाएं
पूजा के बाद मंदिर पर पर्दा लगाना जरूरी है। यह ईश्वर के स्थान की पवित्रता और सम्मान बनाए रखने का प्रतीक है।
रोज जलाएं कपूर
बेहद शुभ
शाम को दीपक के साथ कपूर जलाना बेहद शुभ है। इसकी सुगंध और धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और वास्तुदोष तथा नकारात्मकता को दूर करता है। अगर इन छोटे-छोटे नियमों का पालन किया जाए तो घर में हमेशा सुख-शांति और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।