उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे तक की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए नई पहल शुरू हो गई है. नोएडा एयरपोर्ट (जेवर) को जोड़ने के लिए 74.3 किमी लंबा ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाने के लिए भूमि को चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. इसके लिए गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 56 गांवों (8 नोएडा में, 48 बुलंदशहर में) की जमीन शामिल की जाएगी, और इसकी चौड़ाई 120 मीटर तय हुई है.
मंज़िल के स्वरूप पर एक नजर
यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होकर नोएडा के सेक्टर‑21 (फिल्म सिटी) तक पहुंचेगी. 44.3 किमी गंगा एक्सप्रेसवे और 24.8 किमी यमुना एक्सप्रेसवे मार्ग अपनाएगा.
रूट सुधार और जमीन अधिग्रहण
पहले 83 किमी तय किया गया मार्ग विकसित हिस्सों से होकर गुजरने वाला था, लेकिन यमुना सिटी के सेक्टर्स से बचाने के लिए इसेके लिए नया मार्ग तय किया गया, जिससे कुल लंबाई घटकर 74.3 किमी रह गई.
भूमि ख़रीद-फ़रोख्त पर रोक
UPEIDA ने भूमि की ख़रीद-फ़रोख्त पूरी तरह बंद कर दी है, क्योंकि मालखानों की बढ़ती खरीद-बिक्री से मूल्य बढ़ने और परियोजना में देरी की आशंका थी. इस रूट के ज़मीन को चिन्हित कर लिया गया है और जो अधिकारी इन निर्देशों का उल्लंघन करेंगे, उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई होगी.
कुल लागत और संभावित लाभ
परियोजना की लागत ₹4,000 करोड़ अनुमानित है . यह एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गंगा-यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़कर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, जिससे मेरठ से प्रयागराज तक यात्रा और भी तेज़ होगी.
वहीं Cargo Logistics में सुधार संभव है. विशेषकर यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर (28,29,32,33) से मालवाहन एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचेंगे.
56 गांवों की किस्मत बदलेगी
परियोजना के अंतर्गत कुल 56 गांवों को सीधे रूप में प्रभावित करने की योजना है, 8 गांव गौतमबुधनगर में और 48 बुलंदशहर में हैं.
वहीं फेज़ के पूरा होने पर ग्रामीण इलाकों में रोज़गार, बाजार, आधारभूत सुविधा मिलना आसान होगा. साथ ही और विकास की गति भी बढ़ेगी और कृषि की गुणवत्ता की राह खुलेगी.
फिलहाल भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. मार्किंग के बाद जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है.वहीं YEIDA ने पहले ही नए उद्योगों के लिए क्षेत्र चिन्हित किये हैं, ताकि विकास तार्किक रूप से बढ़ता चले. साथ ही साथ भविष्य में NH‑34 जैसी अतिरिक्त कनेक्टिविटी जोड़ने की भी योजना है, हालांकि इसका अभी तक कोई लेखक प्रारूप में नहीं हुआ है.
यह लिंक एक्सप्रेसवे न केवल गंगा-यमुना दोहरे नेटवर्क को आपस में जोड़ता नजर आएगा, बल्कि विशाल आर्थिक जोन जिनमें नोएडा एयरपोर्ट और यमुना सिटी के औद्योगिक क्षेत्र आते हैं उनतक मल्टीप्लेक्स कनेक्टिविटी लाएगा. साथ ही, आम लोगों के लिए और 56 गांवों के ग्रामीणों के लिए रोजगार, व्यापार और सामाजिक विकास के नए रास्ते खोलेगा. भूमि कारोबार पर लगाई गई रोक और परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन इसे विकास और योजना की मिसाल बनाएगा.