8th Pay Commission Salary Hike : 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ रही हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग उठाई जा रही है। यह 7वें वेतन आयोग में लागू 2.57 फिटमेंट फैक्टर से करीब 49% अधिक है। इस मांग के पीछे तर्क है कि पिछले वर्षों में महंगाई बढ़ने से कर्मचारियों की खरीदारी करने की क्षमता प्रभावित हुई है। ऐसे में वेतन में ऐसी बढ़ोतरी होनी चाहिए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार हो सके। हालांकि, 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग को स्वीकार किया जाएगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है।
महंगाई भत्ते का पुराना गणित
फिटमेंट फैक्टर को समझने के लिए पिछले वेतन आयोग का उदाहरण देखना जरूरी है। छठे वेतन आयोग के अंत में महंगाई भत्ता यानी DA 125% तक पहुंच गया था। अगर किसी कर्मचारी की मूल सैलरी 10,000 रुपये थी, तो 125% महंगाई भत्ता जोड़ने के बाद कुल रकम 22,500 रुपये हो जाती। यानी मूल वेतन और महंगाई भत्ते को मिलाकर राशि मूल सैलरी की 2.25 गुना हो जाती। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से महंगाई के असर की भरपाई से जुड़ी थी। इसलिए वेतन आयोग में वास्तविक वेतन वृद्धि का निर्धारण करते समय DA के समायोजन और अतिरिक्त फिटमेंट लाभ को अलग-अलग समझना जरूरी है।
7वें वेतन आयोग में 14.29% लाभ
1 जनवरी 2016 से लागू 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इसमें 2.25 गुना के आधार पर महंगाई भत्ते के समायोजन के साथ करीब 14.29% अतिरिक्त फिटमेंट लाभ शामिल था। उदाहरण के तौर पर, 10,000 रुपये की पुरानी मूल सैलरी को 2.57 से गुणा करने पर नई मूल सैलरी 25,700 रुपये बनती है। इसी गणना के आधार पर 7वें वेतन आयोग में 14.29% की वास्तविक वेतन वृद्धि का उल्लेख किया जाता है। हालांकि, किसी कर्मचारी की कुल सैलरी में बदलाव उसके वेतन स्तर और लागू नियमों पर निर्भर करता है।
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3.833 फैक्टर से कितनी बढ़ेगी सैलरी
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.833 किया जाए। अगर इसे केवल गणितीय उदाहरण के तौर पर देखें, तो 10,000 रुपये की मौजूदा मूल सैलरी पर यह फैक्टर लगाने से नई मूल सैलरी 38,330 रुपये होगी। यह पुरानी मूल सैलरी से 283.3% अधिक है। लेकिन इसे सीधे 140% की वेतन वृद्धि कहना सही नहीं होगा, क्योंकि फिटमेंट फैक्टर में महंगाई भत्ते के समायोजन का हिस्सा भी शामिल होता है। वास्तविक वेतन वृद्धि जानने के लिए DA मर्जर और अतिरिक्त फिटमेंट लाभ का हिसाब अलग से समझना होगा।
अंतिम फैसला सरकार के हाथ
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि 7वें वेतन आयोग में मिली अपेक्षाकृत कम वास्तविक वृद्धि की भरपाई 8वें वेतन आयोग में होनी चाहिए। उनका मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच वेतन में पर्याप्त सुधार जरूरी है। हालांकि, 3.833 फिटमेंट फैक्टर अभी कर्मचारियों की मांग है, सरकार की ओर से घोषित अंतिम फैसला नहीं। मुंबई में हितधारकों के साथ होने वाली बैठक में वेतन और पेंशन से जुड़े मुद्दे उठाए जा सकते हैं। कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।