8th Pay Commission : DA खत्म नहीं, फॉर्मूले से रीसेट होता है ।हाल ही में यह चर्चा तेज हो गई है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) ‘शून्य’ हो जाएगा। इस खबर ने लाखों कर्मचारियों को भ्रमित कर दिया है। लेकिन इस बयान के पीछे की वास्तविकता कुछ और ही है। दरअसल, महंगाई भत्ता खत्म नहीं होता, बल्कि वेतन आयोग के नए फॉर्मूले के तहत इसे नए बेस ईयर के साथ दोबारा जोड़ा और गणना की जाती है।
कैसे तय होता है महंगाई भत्ता?
महंगाई भत्ते की गणना All India Consumer Price Index (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर की जाती है। हर छह माह में DA को अपडेट किया जाता है। जब भी कोई नया वेतन आयोग लागू होता है, तब तक के सभी DA को जोड़कर नया वेतन तय किया जाता है। यानी जनवरी 2026 में अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो जनवरी तक का महंगाई भत्ता जोड़ा जाएगा और फिर उसी के आधार पर इंक्रीमेंट लगेगा।
DA का शून्य होना क्यों कहा जाता है?
वेतन आयोग लागू होते समय महंगाई भत्ता शून्य से शुरू होता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि DA खत्म हो जाता है। बल्कि, यह नए वेतन ढांचे में समाहित हो जाता है। इसके बाद महंगाई दर के आधार पर फिर से DA की गणना शुरू होती है। अगले छह महीनों में All India CPI के आंकड़ों के अनुसार फिर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी होती है।
हर 10 साल में आता है नया वेतन आयोग
बीते तीन दशकों से यही फॉर्मूला अपनाया जा रहा है। हर 10 साल में नया वेतन आयोग आता है, जो पुराने DA को समाहित कर नया वेतन ढांचा तैयार करता है। फिर अगले महीनों में उसी CPI इंडेक्स के अनुसार DA बढ़ता है। इसलिए जब कोई कहे कि DA शून्य हो जाएगा, तो इसका मतलब केवल रीसेट से है, समाप्ति से नहीं।
कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं
सरकार अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करती है। DA कभी भी खत्म नहीं किया गया है और आगे भी नहीं किया जाएगा। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इंक्रीमेंट का तरीका कैसा होगा, लेकिन फिलहाल पुराना फॉर्मूला ही प्रभावी है।