अगर आप केंद्रीय कर्मचारी या पेंशनर हैं तो यह खबर आपके लिए खुश करने वाली है. 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. एक ब्रोकरेज फर्म एम्बिट कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी में 30 से 34% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. अगर सरकार जल्दी प्रक्रिया शुरू करती है तो एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जल्द ही बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन का तोहफा मिल सकता है. यह न सिर्फ इन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत होगी, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
कितने लोगों को होगा फायदा?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस वेतन आयोग से करीब 44 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. आयोग की सिफारिशें लागू होने से सिर्फ इनकम में बढ़ोतरी ही नहीं होगी, बल्कि देशभर की आर्थिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिल सकती है.
पिछली बार कितना बढ़ा था वेतन?
सातवें वेतन आयोग (जनवरी 2016 से लागू) के तहत कर्मचारियों की सैलरी में सिर्फ 14% की बढ़ोतरी हुई थी, जो 1970 के बाद सबसे कम थी. अब 8वें वेतन आयोग में उम्मीद जताई जा रही है कि 30-34% तक की बढ़ोतरी की जा सकती है.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
सरकारी वेतन बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया जाता है. यह एक ऐसा गुणांक होता है जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा किया जाता है. 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर था, जिससे बेसिक सैलरी 7,000 से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी. अब 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है. इससे सैलरी में अच्छा इजाफा होगा.
कब से लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
हालांकि अभी तक सरकार ने इस आयोग के गठन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. रिपोर्ट के मुताबिक आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होनी थीं, लेकिन प्रक्रिया में देरी के चलते इसके 2027 तक टलने की संभावना है. इसका कारण यह है कि अभी तक न तो आयोग के गठन के लिए Terms of Reference (ToR) तय किए गए हैं और न ही अध्यक्ष या सदस्य नियुक्त किए गए हैं.
पेंशनर्स को कितना मिलेगा फायदा?
पेंशनर्स की बेसिक पेंशन और महंगाई भत्ता (DA) बढ़ेगा. हालांकि वो HRA या अन्य भत्तों के हकदार नहीं होते, इसलिए उन्हें थोड़ा कम फायदा मिलेगा.
सरकार पर कितना खर्च आएगा?
एम्बिट की रिपोर्ट के अनुसार इस बढ़ोतरी से सरकार पर 1.3 से 1.8 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इससे देश की GDP पर 30 से 50 बेसिस पॉइंट तक असर पड़ सकता है. हालांकि कर्मचारियों और पेंशनर्स की इनकम बढ़ने से बाजार में खरीदारी बढ़ेगी, जिससे FMCG, बैंकिंग, रिटेल और ऑटो सेक्टर को फायदा हो सकता है.
क्यों जरूरी है नया वेतन आयोग?
हर 10 साल में सरकार एक नया वेतन आयोग लाती है ताकि कर्मचारियों की सैलरी प्राइवेट सेक्टर के बराबर बनी रहे और प्रतिभाशाली कर्मचारी गवर्नमेंट सेक्टर में बने रहें. अब सभी की नजरें केंद्र सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा और वेतन आयोग की रूपरेखा पर टिकी हैं.