Bollywood Update : हिंदी सिनेमा की दुनिया में जब भी कई फिल्में एक साथ रिलीज होती हैं, तो यह देखने में मज़ा आता है कि कौन-सी फिल्म दर्शकों का दिल जीतती है. इस बार 13 दिन पहले रिलीज हुई ‘दे दे प्यार दे 2’, जो कि अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह की फिल्म है. अब तक बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से टिके हुए है. मध्य-हफ्ते में जहाँ आमतौर पर फिल्मों की कमाई धीमी हो जाती है, वहीं ‘दे दे प्यार दे 2’ ने अभी तक अच्छी कमाई जारी रखी है, जिससे यह दिखा कि दर्शकों को यह फिल्म पसंद आ रही है.
दूसरे पायदान पर - ‘120 बहादुर’ और ‘Masti 4’ की हालत
उधर, रिलीज से सिर्फ कुछ दिन पहले आईं ‘120 बहादुर’ और ‘Masti 4’ को दर्शकों का वो रिस्पॉन्स नहीं मिल पाया, जिसकी उम्मीद थी। सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘120 बहादुर’. जो युद्ध-थीम पर आधारित है और ‘Masti 4’ जो कॉमेडी-एडल्ट फ्रैंचाइज़ी की नई किस्त है. दोनों फिल्मों का प्रदर्शन औसत से भी थोड़ा नीचे रहा. विशेष रूप से बुधवार को, ‘120 बहादुर’ की कमाई केवल लगभग 1.00 करोड़ रुपये रही। इसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म उम्मीद के अनुसार बॉक्स ऑफिस पर नहीं टिक पाई.
क्यों ‘दे दे प्यार दे 2’ कर रही है बाकी को पीछे
कुछ वजहें हैं जिनकी वजह से ‘दे दे प्यार दे 2’ आज बाज़ार में ऊपर दिख रही है —
कहानी और किरदारों की पैकिंग ऐसी है कि दर्शक मनोरंजन और हल्के-फुल्के मूड के लिए इस फिल्म को चुन रहे हैं. दूसरी ओर, ‘120 बहादुर’ जैसे राजनीतिक/युद्ध-थीम वाली फिल्मों में – खासकर इस समय – जनरल ऑडियंस की उत्सुकता कम दिख रही है. ‘Masti 4’ को जहाँ उम्मीद थी कि नाम और फ्रैंचाइज़ी के कारण दर्शक आएँगे, वहीं शायद कंटेंट या समीक्षाओं के कारण दर्शकों ने दूरी बनाई. इस वजह से बजट, स्टार कास्ट या प्रमोशन से ज़्यादा फिलहाल दर्शकों की पसंद ‘दे दे प्यार दे 2’ की तरफ झुकी हुई है.
बुधवार का डेटा — क्या दिखा बॉक्स ऑफिस पर
बुधवार को रिपोर्ट्स बताती हैं कि ‘120 बहादुर’ का सकल (नेट) कलेक्शन लगभग 1.00 करोड़ रुपये रहा. वहीं ‘Masti 4’ की कमाई भी गिरावट पर थी. कई शहरों में टिकटों की बुकिंग न होने की वजह से. उधर, ‘दे दे प्यार दे 2’ -13 दिन बाद भी अपेक्षा के मुताबिक कमजोर नहीं पड़ा है, और अभी भी अच्छी कमाई सुधार रहा है.
इस वक्त बॉक्स ऑफिस स्थिति
इस समय साफ दिख रहा है कि जहाँ ‘120 बहादुर’ और ‘Masti 4’ ने दर्शकों के सामने अपने नाम और बजट के हिसाब से कुछ ख़ास नहीं किया, वहीं ‘दे दे प्यार दे 2’ ने सोच-समझकर बनाई गई मज़बूत हल्की-फुल्की फिल्म बनकर खुद को साबित किया. बॉक्स ऑफिस की यह लड़ाई इस बात की याद दिलाती है कि सिर्फ बड़े बजट या बड़े नाम नहीं कंटेंट, दर्शकों की पसंद, और सही समय पर रिलीज़ का असर सबसे ज़्यादा पड़ता है.