Noida News: फेस-2 थाना क्षेत्र में 23 नवंबर की रात एक 16 साल के किशोर ओमकार की निर्मम हत्या कर दी गई। हत्यारा कोई और नहीं लड़की की मां का प्रेमी ही था, जिसे यह बात बर्दाश्त नहीं हुई कि ओमकार उसकी प्रेमिका की नाबालिग बेटी से प्यार करता था और बार-बार उससे मिलने-बात करने की कोशिश करता था।
दिल दहला देने वाला मामला
मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्तिमोहन अवस्थी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “यह बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला है। आरोपी अल्ताफ (28) हापुड़ के रसूलपुर बहलोलपुर का रहने वाला है और फेस-2 में वेल्डिंग-गेट का काम करता है। उसकी प्रेमिका की 15-16 साल की बेटी से मृतक ओमकार प्यार करता था। अल्ताफ इसे पहले भी कई बार मना कर चुका था, लेकिन ओमकार नहीं माना।”
मोटरसाइकिल से फरार हो गए
डीसीपी ने आगे बताया, “23 नवंबर को प्रेमिका अपनी बहन की शादी में गांव गई थी। शाम को ओमकार फिर उसकी बेटी के कमरे के नीचे गली में चक्कर लगा रहा था। अल्ताफ ने उसे प्यार से ऊपर अपने कमरे में बुलाया, मीठी-मीठी बातें कीं और सिगरेट मंगवाई। जब ओमकार ने साफ कह दिया कि वह लड़की से प्यार करता है और बात करना नहीं छोड़ेगा, तो अल्ताफ आग बबूला हो गया। उसने अपने नए हेल्पर फैजान (20) की मदद से ओमकार का गला दोनों हाथों से जोर से दबाया और उसकी हत्या कर दी।”
हत्या के बाद दोनों ने कमरे में ताला लगाया, लाश अंदर ही छोड़ी और अपनी मोटरसाइकिल (UP-37N 9577) से फरार हो गए। बाइक और मृतक का मोबाइल NSEZ मेट्रो स्टेशन के पास ग्रीन बेल्ट की झाड़ियों में फेंक दिया।
24 नवंबर को हत्या की सूचना मिली
डीसीपी शक्तिमोहन अवस्थी ने बताया, “हमें 24 नवंबर को हत्या की सूचना मिली। फौरन टीमें गठित की गईं। मैनुअल इंटेलिजेंस और मुखबिरों की मदद से सिर्फ 12 घंटे के अंदर यह पता चल गया कि ओमकार आखिरी बार अल्ताफ के साथ ही देखा गया था। जब पुलिस अल्ताफ को तलाश कर रही थी, तभी 25 नवंबर को सुबह-सुबह दोनों आरोपी अपनी मोटरसाइकिल लेने NSEZ मेट्रो स्टेशन के पास आए। हमारी टीम पहले से वहां तैनात थी। दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया गया और घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई।
मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जा रहा
पूछताछ में दोनों ने पूरी वारदात कबूल कर ली।”दोनों आरोपी अल्ताफ और फैजान एक ही गांव रसूलपुर बहलोलपुर, थाना बाबूगढ़, हापुड़ के रहने वाले हैं। फैजान महज 5-6 दिन पहले ही अल्ताफ के साथ हेल्पर बनकर नोएडा आया था। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। डीसीपी ने कहा, “पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की टीम ने मात्र 12 घंटे में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर और दोनों हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर यह साबित कर दिया है कि अपराधी कितना भी शातिर हो, पुलिस की पहुंच से बाहर नहीं रह सकता।”