सहारनपुर में एक 20 वर्षीय डी-फार्मा छात्र ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था, "हालात बता रहे हैं कि मौत जवानी में होगी"। वंश दिन में पढ़ाई करता था और शाम को एक फैक्ट्री में काम कर परिवार का सहारा बन रहा था।
परेशान और गुमसुम रहने लगा
पुलिस ने बताया कि वंश के माता-पिता के बीच विवाद चल रहा था और दोनों अलग रहते थे। वंश अपनी मां और बहन के साथ रहता था। पड़ोसियों ने बताया कि वंश के पिता ने कुछ दिन पहले घर आकर वंश को गालियां दी थीं, जिससे वह परेशान और गुमसुम रहने लगा था।
युवक की माता रीता कमालपुर गांव में आशा वर्कर है। वहीं वंश की बड़ी बहन 18 वर्षीय वंशिका फाइनेंस कंपनी में है। वह उस समय अपनी ड्यूटी पर गई थी। छोटी बहन 16 वर्षीय अनु को वह खुद ही ट्यूशन छोड़कर आया था। करीब 8 बजे उसने अपने स्टेटस पर मौत से जुड़ा स्टेटस लगाया था।
कमरे में लगे पंखे से लटका मिला
इससे कुछ ही देर बाद वह मकान की दूसरी मंजिल पर कमरे में लगे पंखे से लटका मिला। मां रीता देवी का कहना है कि वह नीचे कमरे में थी। मगर जब काफी देर तक वंश नीचे नहीं आया तो वह घबरा गई। मां ऊपर कमरे में पहुंची। यहां पर वंश मफलर से पंखे से लटका मिला। इसे देखकर उसने शोर मचाया।
डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया
बाद में पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा गया। अस्पताल में ले जाया गया। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वंश भगवानपुर स्थित हीरो स्पेयर पार्ट्स कंपनी में नौकरी कर रहा था। उत्तराखंड में हरिद्वार कॉलेज से उसने डी फार्मा की पढ़ाई की थी।