A 286-kg golden bow: ओडिशा से प्रभु श्रीराम के लिए एक विशेष और भव्य स्वर्ण धनुष की यात्रा शुरू हो चुकी है। 286 किलोग्राम वजनी यह पंचधातु धनुष अयोध्या राम मंदिर के लिए समर्पित किया जा रहा है। सनातन जागरण मंच (स्माइल फॉरएवर फाउंडेशन) के तत्वावधान में शुरू हुई यह यात्रा 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी। यह धनुष आस्था, शिल्प और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जा रहा है।
राउरकेला से शुरू हुई धार्मिक यात्रा
स्वर्ण धनुष यात्रा की शुरुआत राउरकेला स्थित हनुमान वाटिका से हुई, जो सुंदरगढ़ सहित ओडिशा के कई जिलों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में राम भक्त शामिल हैं। इससे पहले रामलला को धनुष अर्पित करने की अनुमति के लिए श्रद्धालुओं का एक दल अयोध्या भी गया था। 19 जनवरी को यह यात्रा पुरी के श्रीजगन्नाथ धाम से आगे बढ़ेगी।
आकार और धातुओं का अनोखा संयोजन
यह भव्य धनुष 8 फीट लंबा और 3 फीट चौड़ा है। इसके निर्माण में 240 किलो तांबा, 22 किलो लोहा, 20 किलो अभ्रक, 2.5 किलो चांदी और 1 किलो सोने का उपयोग किया गया है। सोने की 10 माइक्रॉन प्लेटिंग इसे स्वर्ण आभा देती है। पंचधातु से बना यह धनुष धार्मिक के साथ-साथ तकनीकी दृष्टि से भी खास है।
धनुष पर उकेरी गई भारत की शौर्य गाथा
स्वर्ण धनुष पर करगिल युद्ध से लेकर हालिया सैन्य अभियानों तक भारत की प्रमुख सैन्य उपलब्धियों का उल्लेख अंकित है। इसमें भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा और चांदी का जड़ाऊ मुकुट भी लगाया गया है, जो ओडिशा और अयोध्या की आध्यात्मिक परंपराओं को जोड़ता है।
अयोध्या में होगा अभिषेक
इस धनुष का निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम की 40 महिला शिल्पकारों ने किया है। अयोध्या पहुंचने पर श्रीराम मंदिर में धनुष, भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा और मुकुट का विधिवत अभिषेक किया जाएगा। कार्यक्रम में कई संतों और प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।