मेरठ। तीन दिन से लापता चल रही बीए की छात्रा का शव गन्ने के खेत में मिलने से पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि अगवा करने के बाद छात्रा की हत्या की गई है। आरोपियों ने शव की पहचान मिटाने के लिए चेहरा और एक हाथ जला रखा था। इस मामले में टीपी नगर थाना पुलिस की लापरवाही गुस्साए परिजनों ने रोहटा थाने में हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत किया। इस मामले में पुलिस ने संदेह की आधार पर एक आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। साथ ही हत्याकांड के राजफाश के लिए पांच टीमें गठित की गई है।
टीपी नगर थाना क्षेत्र की गगन एनक्लेव कॉलोनी में वेद प्रकाश गौतम परिवार के साथ किराये के मकान में रहते है और वह मूल रूप से थिरोट गांव के रहने वाले हैं। उनकी 21 वर्ष बेटी ललिता गौतम बीए तृतीय वर्ष में पढ़ती है। 15 मई की सुबह नौ बजे वह परीक्षा देने के लिए घर से कॉलेज गई थी, लेकिन देर रात शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। इसके बाद परिजनों में उसी दिन शाम को थाने में बेटी के लापता होने की जानकारी दी। रविवार सुबह रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव निवासी श्योपाल सिंह अपने गन्ने के खेत पानी देने के लिए गए तो खेत में एक युवती का शव पड़ा देखा। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रोहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। पुलिस को युवती के पास मिले पर्स से आधार कार्ड मिला था, जिस पर ललिता गौतम निवासी थिरोट गांव का लिखा था।
इसके बाद पुलिस ने गांव में सूचना दी तो युवती की पहचान गगन एनक्लेव निवासी वेद प्रकाश ने अपनी बेटी के रूप में की। शव की पहचान मिटाने के लिए आरोपियों ने छात्रा का चेहरा और एक हाथ जला रखा था। बेटी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने रोहटा थाने में हंगामा किया और टीपी नगर थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपियों की पहचान के लिए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की पड़ताल कर वहां से नमूने उठाए। उधर, छात्रा के पिता ने अब रोहटा पुलिस को मुकदमा दर्ज कराने के लिए गांव के एक युवक को नामजद करते दो अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।
आरोप, पुलिस ने अपने मनमाफिक लिखाई रिपोर्ट
परिजनों का आरोप है कि बेटी के गायब होने पर उन्होंने गांव के एक युवक पर अपहरण की आशंका जताते हुए टीपी नगर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन टीपी नगर थाना पुलिस ने अपने मनमाफिक तहरीर लेकर गुमशुदगी दर्ज कर ली। उसी दिन से बेटी का मोबाइल भी बंद जा रहा था। परिजनों का आरोप था कि अगर पुलिस मामले को गंभीरता से लेती और उसी दिन बेटी के मोबाइल की सीडीआर निकालकर तत्काल कार्रवाई करती तो आज बेटी जिंदा होती।
छह महीने पहले ही शहर में रहने आया था परिवार
छात्रा के पिता ने बताया, गांव के एक युवक ने उनकी बेटी को जबरन उठाने और छेड़छाड़ का प्रयास किया था। उस समय आरोपी पक्ष के माफी मांगने पर समझौता हो गया था। इसलिए वह छह महीने पहले की परिवार को गांव से लेकर गगन एनक्लेव में किराये का मकान लेकर परिवार के साथ रहने आ गए थे।
युवती की हत्या के राजफाश के लिए सर्विलांस एवं सीसीटीवी समेत पांच टीमें गठित की गई है। परिजनों के संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द छात्रा की हत्या का राजफाश कर दिया जाएगा।