मुजफ्फरनगर। जनपद के तितावी थाना क्षेत्र के गांव नसीरपुर में बिजली के खम्भे में आ रहे करंट की चपेट में आने से आंगनवाड़ी केन्द्र पर पढऩे के लिए आए पांच साल के बच्चे की मौत हो गयी। उसे बचाने के प्रयास में आंगनबाड़ी कार्यकत्री को भी तेज झटका लगा। परिवार के लोग व ग्रामीण बच्चे के शव को लेकर थाने पर पहुंचे, जहां उनकी पुलिस से नोक-झोंक हुई। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. पूरण सिंह के हस्तक्षेप के बाद एसडीएम, तहसीलदार व एक्सईएन मौके पर पहुंचे। मामले में आंगनवाडी केंद्र संचालिका व बिजली कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी गयी है।
पुलिस के अनुसार तितावी थाना क्षेत्र के गांव नसीरपुर निवासी सोनू का पांच वर्षीय बेटा सत्यम गांव के आंगनवाडी केन्द्र में पढने के लिए जाता था। सोमवार को भी वह आंगनवाड़ी केंद्र पर आया था, लेकिन लघुशंका की शिकायत पर आंगनवाडी केन्द्र महिला कर्मचारी ने केंद्र में बच्चों के लिए शौचालय नहीं होने के कारण उसे बाहर लघुशंका के लिए भेज दिया। बालक सत्यम आंगनवाडी केन्द्र से बाहर लघुशंका के लिए चला गया। उसने बाहर पहुंचकर बिजली के खम्भे के पास पहुचकर पेशाब किया तो अचानक उसका हाथ बिजली के खम्भे से लग गया जिसमें आ रहे करंट की चपेट में बच्चा आ गया। मौके पर आयी आंगनवाडी कार्यकत्री राजदुलारी ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया तो वह खुद भी करंट का तेज झटका लगने से दुर जा गिरी।
इसी बीच एक अन्य व्यक्ति ने डंडे के सहारे बच्चे को करंट की चपेट से बचाया। बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग शव को लेकर तितावी थाने पर पहुंच गए, जहां उनकी पुलिस से नोक-झोंक हुई। मामले की जानकारी मिलने पर किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. पूरण सिंह मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप के बाद
एसडीएम,तहसीलदार व बिजली विभाग के एक्सईएन मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद पुलिस ने आंगनवाडी केंद्र संचालिका व बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही से बच्चे की मौत होने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।