Ghooskhor Pandat Controversy: यूपी में फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टीजर पर बवाल मचा है। संत समाज से लेकर सियासी लोग फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे हैं। यूपी में मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम को लेकर विरोध शुरू हो गया है। लखनऊ में हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह खुद फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सीएम के निर्देश पर यह एफआईआर हुईं है।
कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक, फिल्म का नाम और इसकी कहानी एक खास जाति और समुदाय, खासकर ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाती है। इससे लोगों में नाराजगी फैल सकती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है। ब्रह्माश्रम महाराज ने कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ जैसी फिल्में सनातन परंपरा और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने फिल्म को तत्काल बैन करने की मांग की है। इस बीच फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडेय ने ऑफिशियल बयान जारी किया। कहा कि फिल्म के टाइटल से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है। हम उन भावनाओं को समझते हैं। इसलिए हमने फिलहाल सभी प्रमोशनल मटेरियल हटाने का फैसला किया है।
नीरज पांडेय और रीतेश शाह डायरेक्ट कर रहे
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को नीरज पांडेय और रीतेश शाह डायरेक्ट कर रहे हैं। फिल्म में मनोज बाजपेयी, नुसरत भरूचा और श्रद्धा दास प्रमुख किरदारों में नजर आ रहे हैं। इसका टीजर तीन दिन पहले रिलीज हुआ है। फिल्म इसी साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडत’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक, दीक्षित 20 साल पहले सब-इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती हुए थे। अपने कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया। एक बार वो घायल लड़की को बचाने के चक्कर में बुरी फंस जाते हैं, जिससे उनकी जिंदगी बदल जाती है।
फिल्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज
लखनऊ में फिल्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायत करने वाले हजरगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह हैं। उन्होंने गुरुवार को सीएम के निर्देश पर अपनी ही कोतवाती में शिकायत दर्ज कराई। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने बताया है कि सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जा रहे ऐसे कंटेंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जो समाज में आपसी भाईचारा बिगाड़ सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाई जा रही फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर कई आपत्तियां सामने आई हैं।
इससे लोगों में नाराजगी फैल सकती
पुलिस का कहना है कि पहली नजर में ही ऐसा लगता है कि फिल्म का नाम और इसकी कहानी एक खास जाति और समुदाय, खासकर ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाती है। इससे लोगों में नाराजगी फैल सकती है। इसी वजह से कई सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया है। हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फिल्म के डायरेक्टर और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इस कंटेंट से समाज में तनाव फैल सकता है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है।