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Nose Surgery City : दुनिया भर में कॉस्मेटिक सर्जरी यानी सुंदरता बढ़ाने वाली शल्य क्रियाओं का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है. लोग आजकल चेहरे के आकार, त्वचा की चमक, और नाक जैसी छोटी-छोटी चीज़ों को भी बदलवाने के लिए डॉक्टरों का रुख कर रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा देश है जहां लोग सबसे ज़्यादा नाक की सर्जरी (Rhinoplasty) कराते हैं? और इसके पीछे की वजह सिर्फ सुंदरता नहीं, कुछ और भी है. चलिए, जानते हैं उस देश का नाम और नाक की सर्जरी को लेकर वहां की सोच.
यह देश है ईरान (Iran) — जिसे दुनिया में "नोज़ जॉब की राजधानी" (Capital of Nose Jobs) भी कहा जाता है. ईरान में हर साल हजारों लोग नाक की प्लास्टिक सर्जरी करवाते हैं, और इनमें पुरुषों और महिलाओं दोनों की संख्या काफ़ी ज़्यादा है. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में प्रति 1000 लोगों पर सबसे ज़्यादा नाक की सर्जरी होती है — यह संख्या दुनिया के किसी भी देश से कहीं अधिक है.
अब सवाल यह है कि आखिर ईरान में लोग नाक की सर्जरी क्यों कराते हैं?
इसका जवाब थोड़ा सामाजिक, थोड़ा सांस्कृतिक और थोड़ा मनोवैज्ञानिक है. ईरान में महिलाओं के लिए ड्रेस कोड काफी सख्त है — उन्हें सार्वजनिक रूप से हिजाब पहनना अनिवार्य है, जिससे शरीर और बाल ढके रहते हैं. ऐसे में चेहरा ही वह इकलौती चीज़ बचती है जिसे लोग देख सकते हैं. चेहरे की खूबसूरती वहां एक तरह से "पहचान और आत्मविश्वास का प्रतीक" बन गई है. और जब बात चेहरे की खूबसूरती की आती है, तो नाक का आकार और बनावट उसमें बड़ी भूमिका निभाता है.
साथ ही, ईरान की कई युवा पीढ़ियों में यह ट्रेंड बन गया है कि नाक की सर्जरी कराने से वे आधुनिक, सुंदर और आत्मविश्वासी दिखते हैं. दिलचस्प बात यह है कि कुछ लोग तो केवल यह दिखाने के लिए नकली प्लास्टर भी लगाए रहते हैं ताकि लगे कि उन्होंने सर्जरी करवाई है, भले ही असल में न करवाई हो. हालाँकि, इस ट्रेंड के कई चुनौतियाँ और खतरे भी हैं. कई बार लोग सस्ते क्लीनिक या अनट्रेंड डॉक्टरों के पास चले जाते हैं, जिससे सर्जरी के बाद दिक्कतें हो सकती हैं. लेकिन फिर भी, यह प्रक्रिया ईरान में एक सामाजिक प्रतिष्ठा का हिस्सा बन चुकी ह.
नाक की सर्जरी दुनिया के कई हिस्सों में होती है, लेकिन ईरान में यह एक चलन से ज़्यादा, एक सामाजिक पहचान बन चुकी है. जहां एक ओर यह आत्मविश्वास और सुंदरता से जुड़ी हुई है, वहीं दूसरी ओर यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने शरीर को लेकर कितना दबाव महसूस करते हैं. सुंदरता ज़रूरी है, लेकिन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है स्वाभाविकता और आत्म-स्वीकृति.