नोएडा के साइबर थाना पुलिस ने एकअ बुजुर्ग महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया. उनके साथ तीन करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का केस सामने आया है. इस दौरान के शातिर साइबर अपराधी को जयपुर से पकड़ा गया है. इस केस में मामले में साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया है. पुलिस से मिली जानकारी के तहत अज्ञात फोन नंबर से पीड़िता के लैंडलाइन नंबर पर कॉल आया था. उन्हें बताया गया था कि उनके आधार कार्ड का उपयोग करके बैंक खाते खोले गए, इसका प्रयोग जुआ व अवैध हथियार की खरीद की गई.
30 जून को जांच शुरू की
साइबर अपराधियों ने पीड़िता को गिरफ्तारी का भय दिखाया. बाद में उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर करके तीन करोड़ रूपये ठग लिए. महिला से 3,29,70,000 रुपए की धोखाधड़ी हुई. इसे लेकर पीड़िता ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायत के आधार पर 30 जून को थाना साइबर क्राइम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. साइबर पुलिस ने 16 जुलाई को जांच के आधार पर कार्यवाही की और धोखाधड़ी करने वाले 1 शातिर साइबर अपराधी विपुल नागर (बेनिफिशियरी खाताधारक) को जयपुर, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में 3 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है.
63 लाख रूपये ट्रांसफर
पुलिस पूछताछ में विपुल नागर (बेनिफिशियरी खाताधारक) ने बताया कि उसने अपने बैंक खाते को सह आरोपी अजीत को दिया था, जिस पर धोखाधड़ी से मिली धनराशि को लिया जाता था, जिसका कमीशन आरोपी विपुल नागर को दिया जाता था. इस घटना में 63 लाख रुपये आरोपी विपुल नागर के खाते में ट्रांसफर हुए. पुलिस इस केस से जुड़े अन्य आरोपियों की खोज कर रही है. इस तरह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अपराधी ज्यादातर ऐसे लोगों को शिकार बनाते है, जो अमीर होते है, मगर उन्हें ऐसे कृत की जानकारी नहीं होती है.