PM Kisan 24th Installment 2026 : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा से पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी। इसके तहत देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000-2,000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की रकम किसानों तक पहुंचाई है। हालांकि, जिन किसानों की e-KYC या अन्य जरूरी औपचारिकताएं अधूरी हैं, उनकी किस्त अटक सकती है।
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किसानों को बताया विकसित भारत का आधार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश के किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने को प्राथमिकता दी है। पीएम मोदी के मुताबिक, 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि अब करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का अहम हिस्सा बन गई है।
खाद की कीमतों पर सरकार का दावा
पीएम मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद की कीमतों में काफी उछाल आया। इसके बावजूद सरकार ने इसका अतिरिक्त बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री के अनुसार, खाद सब्सिडी पर सरकार ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि खेती की लागत को नियंत्रित रखा जा सके।
सिंचाई और सोलर पंप पर जोर
प्रधानमंत्री ने सिंचाई की लागत कम करने में पीएम-कुसुम योजना की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक करीब 12 लाख सोलर पंप दिए जा चुके हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप किसानों को सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य खेती की लागत घटाने के साथ किसानों को ऊर्जा के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराना है।
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MSP और खेती में तकनीक का जिक्र
न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर बोलते हुए पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने MSP को लेकर अपना वादा पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने खेती को देश की परंपरा और संस्कृति का हिस्सा बताते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में कृषि और पशुपालन को विज्ञान तथा आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं। उनके मुताबिक, खेती में तकनीक का इस्तेमाल किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में मददगार हो सकता है।
बनासकांठा को मिली विकास परियोजनाओं की सौगात
किसान सम्मान निधि के अलावा प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें कृषि बुनियादी ढांचे, पशुपालन, डेयरी और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर और पशुपालन से जुड़ी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया। पीएम मोदी के इस दौरे में किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का संदेश दिया गया।