Indias New Fighter Jet: भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) कार्यक्रम को जल्द बड़ी मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की आगामी बैठक में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और फ्रांस की कंपनी Safran के बीच हाई-थ्रस्ट टर्बोफैन इंजन विकसित करने के लिए प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) पर फैसला लिया जा सकता है। यदि मंजूरी मिलती है, तो यह परियोजना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाएगी।
120–140 kN क्षमता वाला इंजन विकसित करने की योजना
प्रस्तावित परियोजना के तहत शुरुआती चरण में लगभग 120 kN थ्रस्ट क्षमता वाला इंजन विकसित किया जाएगा, जिसे आगे बढ़ाकर 140 kN तक ले जाने की योजना है। जानकारी के अनुसार, 12 वर्षों में नौ प्रोटोटाइप इंजन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य केवल इंजन निर्माण नहीं, बल्कि भारत में उन्नत इंजन डिजाइन और महत्वपूर्ण तकनीकों की क्षमता विकसित करना भी है। बताया जा रहा है कि इस सहयोग में अत्याधुनिक इंजन तकनीक के हस्तांतरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्टेल्थ तकनीक से लैस होगा AMCA
AMCA भारत का स्वदेशी ट्विन-इंजन, मल्टी-रोल और पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और DRDO विकसित कर रहे हैं। विमान को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि दुश्मन के रडार के लिए इसकी पहचान करना कठिन हो। इसमें इंटरनल वेपन बे, एडवांस्ड AESA रडार, सेंसर फ्यूजन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशन और भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित क्षमताएं शामिल करने की योजना है। यह विमान हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री लक्ष्यों सहित कई प्रकार के सैन्य अभियानों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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इंजन तकनीक बनेगी सबसे बड़ी ताकत
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आधुनिक लड़ाकू विमान की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक उसका इंजन होता है। भारत लंबे समय से स्वदेशी हाई-थ्रस्ट फाइटर इंजन विकसित करने की चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे में DRDO और Safran के बीच प्रस्तावित सहयोग को AMCA कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो भारत भविष्य में लड़ाकू विमानों और अन्य एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म के लिए उन्नत इंजन तकनीक विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो सकता है।
भारत की रक्षा क्षमता को मिलेगा नया आयाम
AMCA परियोजना का उद्देश्य केवल एक नया लड़ाकू विमान तैयार करना नहीं, बल्कि देश में पांचवीं पीढ़ी की सैन्य विमानन तकनीक का मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेल्थ तकनीक, आधुनिक सेंसर, नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली और स्वदेशी इंजन क्षमता के साथ यह परियोजना भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है। साथ ही यह भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती देगा।